
bhopal vidisha road - एमपी के 6 जिलों को 4-लेन की बड़ी सौगात मिली है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिहाज से राज्य सरकार भोपाल- विदिशा मार्ग का 44.83 किमी हिस्सा 4-लेन में बदलेगी। इस पर 1758.55 करोड़ रुपए खर्च होंगे। भोपाल, विदिशा जिले के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा तो मिलेगा ही, साथ मेें सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना के लोग भी इससे लाभान्वित होंगे। खास बात यह है कि फीडर कॉरिडोर के रूप में यह भोपाल से कानपुर की राह भी आसान करेगा। इसका लाभ रोजाना लाखों लोगों को होगा।
भोपाल विदिशा मार्ग अभी 2- लेन है, कई जगह कर्व हैं। मार्ग बार-बार खराब हो रहा है। वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण संकरा पड़ रहा है। जाम की स्थिति बनने से लोग परेशान होते हैं। सरकार 4-लेन के प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट बैठक में रखेगी। चर्चा के बाद मंजूरी मिलना तय है।
यह मार्ग भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित टी जंक्शन से शुरू होकर सूखीसेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर होते हुए एनएच- 146 के साथ सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाता है। यह भोपाल, विदिशा और रायसेन को जोडऩे वाला अहम मार्ग है।
मौजूदा समय में भोपाल विदिशा मार्ग पर 10975 पैसेंजर कार यूनिट का ट्रैफिक है। यह क्षमता 4-लेन मार्ग की है। 4-लेन बनने से यह भोपाल- कानपुर हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए फीडर कॉरिडोर का काम करेगा। निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) पर किया जाएगा।
भोपाल की ओर से पहला बायपास सूखी सेवनिया 1.80 किलोमीटर लंबा होगा।
बेरखेड़ी बायपास 1.35 किलोमीटर लंबा होगा।
तीसरा सलामतपुर बायपास 5.10 किलोमीटर लंबाई का होगा।
भोपाल से दूसरे जिलों के 2-लेन मार्गों को 4-लेन में बदलने और भोपाल के आसपास बायपास बनने से मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधि बढ़ाने में मदद मिलेगी। यही काम उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में हो रहे हैं। सरकार भोपाल- इंदौर को औद्योगिक कॉरिडोर से जोडऩे की दिशा में कदम उठा रही है। सड़कों से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिलेगी।
एमपी में ढाई वर्ष में 29,693 किमी सड़कों का निर्माण-उन्नयन हुआ। 18,166 करोड़ से 444 किमी की 7 प्रमुख परियोजनाओं में इंदौर-उज्जैन 6 लेन, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड 4 लेन, उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड-4 लेन, नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग हैं।