MP News: सरकार ने उज्जैन लैंड पुलिंग नीति वापस ले ली है। सोमवार देर रात घोषणा की। इसी सप्ताह आदेश होंगे। अब सिंहस्थ 2028 के लिए किसी भी किसान की जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी। पूर्व की तरह तय अवधि के लिए जमीन ली जाएगी। बदले में मालिकों को रुपए दिए जाएंगे।
MP News: सरकार ने उज्जैन लैंड पुलिंग नीति वापस ले ली है। सोमवार देर रात घोषणा की। इसी सप्ताह आदेश होंगे। अब सिंहस्थ 2028 के लिए किसी भी किसान की जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी। पूर्व की तरह तय अवधि के लिए जमीन ली जाएगी। बदले में मालिकों को रुपए दिए जाएंगे। सिंहस्थ के सफल आयोजन और किसानों के सम्मान में सरकार ने निर्णय लिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने कहा है कि पूरा विश्व सिंहस्थ का वैभव देखेगा। भारतीय किसान संघ ने मंगलवार से उज्जैन में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन निरस्त कर दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव(CM Mohan Yadav) दिल्ली प्रवास पर थे। सूत्रों के मुताबिक सोमवार सुबह किसान शक्ति कार्यालय पहुंचे। भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी, सह संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह से चर्चा हुई। सीएम ने कहा, पहले की तुलना में सिंहस्थ आयोजन को लेकर कई संभावित चुनौतियां हैं। आधारभूत काम कराने की जरूरत है। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने भारतीय किसान संघ की मध्यप्रदेश इकाई से कहा कि वे सरकार से मांगों को लेकर चर्चा करें।
सोमवार दोपहर उज्जैन से किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, क्षेत्र संगठन मंत्री महेश चौधरी, मालवा प्रांत के महामंत्री रमेश दांगी आदि भोपाल पहुंचे। सीएम हाउस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और सीएस अनुराग जैन के बीच चर्चा हुई। किसानों की ओर से सिंहस्थ क्षेत्र में स्थाई निर्माण नहीं करने, किसानों पर दर्ज केस वापस लेने, सिंहस्थ क्षेत्र में लैंड पुलिंग वापस लेने का आग्रह किया। सीएम ने सीएस और खंडेलवाल की राय ली। किसानों के हित में लैंड पुलिंग वापस लेने की घोषणा की।
सरकार ने उज्जैन लैंड पुलिंग को वापस लेकर अच्छा निर्णय लिया। सभी किसान सिंहस्थ की तैयारियों में जुटेंगे, आने वाले श्रद्धालुओं की सेवाकरेंगे। सिंहस्थ को दुनिया का भव्य आयोजन बनाएंगे। - कमल सिंह आंजना, अध्यक्ष, भारतीय किसान संघ, मध्यप्रदेश