
भोपाल। इसके बाद इनको लिपिकों की तरह वेतनमान मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में सरकार तीसरे वित्त आयोग की सिफारिश पर जल्द ही अमल कर सकती है।
वहीं भारतीय मजदूर संघ से जुड़े पंचायत सचिव महासंघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. केपी सिंह राजावत के अनुसार तीसरे वित्त आयोग ने सात साल पहले पंचायत सचिवों को 5200- 20200 और ग्रेड पे 1900 देने की सिफारिश की थी। पिछले साल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव आरएस जुलानिया ने पंचायत सचिवों का वेतन 5 हजार रुपए महीने कम कर दिया था।
इसके बाद हम विभागीय मंत्री गोपाल भार्गव, प्रमुख सचिव समेत कई मंत्रियों व अधिकारियों से मिले। पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह से भी मुलाकात की। सरकार ने हमारी मांग पर सहमति जताई है। जल्द ही नए वेतन संबंधी घोषणा हो सकती है।
उनका कहना है कि कुछ दिन पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सीएम हाउस में पंचायत सचिवों का सम्मेलन बुलाया था, लेकिन अचानक बीमार हो जाने के कारण वह स्थगित कर दिया गया।
पंचायत सचिव लगातार वेतन के मुद्दे पर मुखर होकर सरकार का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि चुनावी साल में यह दवाब रंग ला सकता है।
इधर, यहां बिकती रहेगी शराब! :-
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 31 जनवरी को आयोजित कैबिनेट बैठक में नई शराब नीति को मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने नीति की सूचना भी जारी कर दी है। आबकारी विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी की गई सूचना के अनुसार 1 अप्रैल 2018 के बाद प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज, छात्रावास एवं धार्मिक स्थलों के पास से शराब दुकानें 50 मीटर दायरे के बाहर नहीं होंगी। सिर्फ कन्या स्कूल, कन्या कॉलेज, कन्या छात्रावास एवं वैद्य धार्मिक स्थलों के पास से देशी एवं विदेशी शराब की दुकानें 50 मीटर दूर हटेंगी ही नहीं बल्कि बंद होंगी। जबकि बालक स्कूल एवं छात्रावासों के पास से न तो शराब दुकानें हटेंगी और न हीं बंद होंगी।
आबकारी विभाग की सूचना के अनुसार बालक स्कूल, बालक कॉलेज, बालक छात्रावास एवं ऐसे धार्मिक स्थल जो अवैध हैं या जिन्हें सरकार ने चिह्नित नहीं किया है, उनके पास से न तो शराब की दुकानें हटेंगी और न ही शराब की बिक्री रोकी जाएगी। सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने 31 जनवरी को कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए कन्या स्कूल, कॉलेज एवं धार्मिक स्थलों के पास से प्रदेश भर में 149 दुकानें हटाने का उल्लेख किया था। आबकारी विभाग की सूचना के अनुसार ऐसी दुकानों को बंद ही कर दिया जाएगा।