
Datia By Election दतिया उपचुनाव में अलग अलग जातियों की जीत हार में अहम भूमिका होगी। ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस यानि दोनों प्रमुख दल सभी वर्गों को साधने की कोशिश में लगे हैं। दतिया उपचुनाव में जीत के लिए जहां बीजेपी ने ब्राह्मण-यादव वोट बैंक पर नजर गड़ाई है वहीं कांग्रेस भी इसकी काट में जुटी है। पार्टी ने अखिलेश यादव को साधकर समाजवादी पार्टी का पूर्ण समर्थन हासिल करने का दावा किया है।
दतिया में चुनाव प्रचार तेज और रोचक हो गया है। रविवार को यहां दोनों दलों के दिग्गज नेता व पूर्व सीएम आमने सामने होंगे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में जनसभा संबोधित करेंगे वहीं दिग्विजय सिंह कांग्रेस के लिए प्रचार की कमान संभालेंगे।
भाजपा कई मोर्चों पर काम कर रही है। उसकी रणनीतिक तैयारियां बताती हैं कि वह सभी जातियों के लोगों को लुभा रही है। संबंधित नेताओं को प्रचार में लगाने के साथ रणनीति तरीके भी अपनाए जा रहे हैं। पार्टी ने हर स्तर पर जिम्मेदारियां बांट दी है। इसके अलावा बड़े नेताओं को निगरानी के लिए झोंक दिया है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा की नजर ब्राह्मण वोट बैंक के साथ-साथ यादवों पर भी है। पार्टी उनको भी एक करने में जुटी है, ताकि दतिया में अच्छी जीत दर्ज कराई जा सके। ब्राह्मण यादव वोट बैंक को पुख्ता करने के लिए बीजेपी ने प्रमुख नेताओं के साथ ही जमीनी कार्यकर्ताओं को भी जुटा दिया है।
दूसरी ओर दतिया सीट पर कांग्रेस भी हर हाल में जीत चाहती है। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के लिए भी यह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है। यही कारण है कि वे चुनाव प्रचार के लिए शुरुआती दिन से ही दतिया में ही डेरा डालकर बैठ गए हैं। यहां कब्जा बरकरार रखकर प्रदेश कांग्रेस, मीनाक्षी नटराजन की राज्यसभा की सीट गंवाने का गम कुछ हद तक कम कर सकती है।
यूपी से सटा होने से दतिया विधानसभा क्षेत्र में सपा का भी कुछ प्रभाव है। यहां के यादव मतदाताओं को बीजेपी हर तरह से लुभाने में लगी है। ऐसे में कांग्रेस को सपा का पूर्ण समर्थन मिल जाने से राहत मिली है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि उन्हें खुद अखिलेश यादव ने फोन कर हर तरह की मदद की पेशकश की। वे कांग्रेस के समर्थन में सभा भी कर सकते हैं।
जीतू पटवारी ने बताया कि अखिलेश यादव ने उनसे पूछा कि जीतू, मैं तुम्हारी क्या मदद कर सकता हूं? तब मैंने कहा कि भईया हो सके तो एक रैली कर दीजिए। अखिलेश यादव ने कहा है कि इस बार हम मध्यप्रदेश की राजनीति बदलने में आपकी मदद करेंगे।