Hemant Khendelwal- बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस को घेरा, उन्होंने साफ कहा कि गेहूं खरीदी और किसानों के मामले में बोलने का कांग्रेस को कोई अधिकार ही नहीं
Hemant Khendelwal- मध्यप्रदेश में किसानों के मुद्दे पर दोनों प्रमुख दल-बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। प्रदेश में अभी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का काम चल रहा है। कांग्रेस इसमें गड़बड़ी के आरोप लगा रही है। इसके विरोध में 7 मई को मुंबई आगरा नेशनल हाईवे पर चक्काजाम आंदोलन भी कर रही है। इस मुद्दे पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अब कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने साफ कहा कि गेहूं खरीदी और किसानों के मामले में बोलने का कांग्रेस को कोई अधिकार ही नहीं है। उनकी सरकारें समर्थन मूल्य पर खरीदी ही नहीं करती थीं। बीजेपी सरकारों ने गेहूं के समर्थन मूल्य में लगातार बढ़ोत्तरी की। इतना ही नहीं, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी से किसानों से माफी मांगने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि बंगाल, असम की तरह रसातल में जाने से बचने के लिए कांग्रेस को यह काम करना चाहिए।
गेहूं खरीदी और किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन का बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कड़े शब्दों में प्रतिकार किया। उन्होंने इस संबंध में ट्वीट भी किया। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस के शासन में किसानों को कभी उचित समर्थन मूल्य तक नहीं मिला। मुलताई में किसानों पर गोली चलवाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सर्वप्रथम किसानों से माफी मांगनी चाहिए।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपने एक्स हेंडल पर एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा-
कांग्रेस को यह कहने का अधिकार ही नहीं है… 2004 के पहले समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी ही नहीं करती थी जब हमारी सरकार आई तो लगातार गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ा…सम्मान निधि देती है तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार देती है… इतनी विषम परिस्थिति में जब बारदाने का संकट है और प्रदेश में गेहूं का उत्पादन लगभग दोगुना हुआ है तब भी सरकार ने सुचारु व्यवस्था बनाकर उसे लेने का काम किया…बारदानों के कारण 3-4 दिन खरीदी लेट जरूर हुई लेकिन सरकार ने कहा है कि किसानों का एक एक दाना खरीदेंगे…खरीदी की स्पीड तेज हुई है… बाजार में भी गेहूं का रेट 100 से 200 रुपए बढ़ गया…
जीतू पटवारी को आत्म चिंतन करना चाहिए…मुल्ताई गोली कांड के लिए माफी मांगे… 2003—04 के पहले किसानों को समर्थन मूल्य क्यों नहीं दिया, इसके लिए माफी मांगे… उनकी सरकार रहते किसानों को सम्मान निधि क्यों नहीं दी…उन्होंने अपनी सरकार रहते किसानों के हित का एक भी काम किया है तो वे बताएं … तब किसानों के हित की बात करें… आज भी मौका है, वे नहीं चाहते कि बंगाल की तरह, असम की तरह कांग्रेस रसातल पर जाए तो एक बार किसानों से माफी मांगे…।
मुलताई में किसानों पर गोली चलवाने वाली काँग्रेस को सर्वप्रथम किसानों से माफी माँगनी चाहिए। यह वही कांग्रेस है जिसके शासन में किसानों को कभी उचित समर्थन मूल्य तक नहीं मिला।
भाजपा सरकार द्वारा किसानों को उचित समर्थन मूल्य से लेकर किसान सम्मान निधि जैसे कदमों से उनके सशक्तिकरण का कार्य किया जा रहा है। हमारी सरकार किसानों से फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है।