
Retired IAS Rakesh Agrawal Case : रिश्तों की डोर कुछ ऐसे ही खींचती है। पिता की मौत हुई तो विदेश में रह रहा पुत्र विचलित हो उठा। वह तुरंत अमेरिका से भोपाल के लिए रवाना हो गया। अंतिम बार पिता का चेहरा देखने की तमन्ना में 12 हजार किमी का कठिन सफर तय किया। अमेरिका से भोपाल पहुंचने में 2 दिन लग गए तब तक पिता का शव डीप फ्रीजर में रखा रहा। हाल ये रहा कि मौत के करीब 60 घंटों बाद अंत्येष्टि की जा सकी। शनिवार को पुलिस ने कहा कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है।
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की मौत की गुत्थी अभी तक सुलझी नहीं है। घटना के करीब 4 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। आरोपी वरुण की गिरफ़्तारी के लिए भोपाल पुलिस के कई अधिकारी जुटे हुए हैं पर उनको अभी तक कामयाबी नहीं मिल सकी है। शनिवार को भी पुलिस ने मामले में जल्द ही सफलता मिलने का दावा किया हालांकि अभी तक आरोपी उसकी पहुंच से दूर है।
इस बीच भोपाल पुलिस ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की पत्नी निशि अग्रवाल के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। उन्होंने घर से कुछ चीजें गायब होने की बात बताई है।
राजधानी के प्रशासनिक हल्कों में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की मौत की शनिवार को भी चर्चा हो रही है। उनके अधीनस्थ रहे कई कर्मचारियों, अधिकारियों ने घटना पर शोक जताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गुस्सा जताया है।
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल का मंगलवार रात को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। उनका बेटा सिद्धांत उर्फ सिद्ध अग्रवाल उस समय अमेरिका में था। खबर मिलते ही वह भोपाल के लिए रवाना हो गया था। सिद्धांत के आने के बाद 2 अक्टूबर को रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शव को डीप फ्रीजर में रखा गया। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या का समय मंगलवार रात करीब 12.30 बजे बताया जा रहा है जबकि शुक्रवार को दोपहर करीब 12:30 बजे भदभदा विश्राम घाट में उनकी अंत्येष्टि हुई। इस प्रकार मौत के करीब 60 घंटे बाद रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार हुआ।