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MP से वापस लौटते ही राहुल गांधी का बड़ा कदम, शुरू किया ‘सत्याग्रह अभियान’, देशभर के छात्र-दलित-आदिवासियों से मांगी कहानियां

Rahul Gandhi satyagraha stories initiative: मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी परिवारों की पीड़ा सुनने के दो दिन बाद राहुल गांधी ने ‘सत्याग्रह’ अभियान शुरू किया है। उन्होंने देशभर संघर्षों को एक मंच पर लाने की अपील की।
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भोपाल

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Akash Dewani

•

Oct 03, 2026

rahul gandhi satyagraha stories initiative balaghat tribals

Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने देशभर में चल रहे कई सत्याग्रह को एक नक्शे पर लाने कि की घोषणा (फोटो सोर्स- Rahul Gandhi Facebook)

Rahul Gandhi satyagraha stories initiative: 1 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के बालाघाट पहुंचे लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अधिकारों के मुद्दे उठाए थे। अब 3 अक्टूबर को उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से घोषणा कर देशभर के अलग-अलग राज्यों में चल रहे सत्याग्रह और विरोध-प्रदर्शन को एक मंच देने की अपील की है। उन्होंने एक्स पर अपील करते हुए लिखा कि-अगर आप भी किसी अन्याय से लड़ रहे हैं - अपनी कहानी भेजिए।

राहुल ने देशभर के जेन-जी, दलित और आदिवासियों से मांगी संघर्ष की कहानियां

राहुल ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर कहा कि Gen Z, छात्र, किसान, आदिवासी, दलित, महिलाओं के हर संघर्ष की अपनी कहानी है। राहुल ने आगे कहा कि वह एक 'सत्याग्रह अभियान की शुरुआत कर रहे है जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे विरोध-प्रदर्शन और सत्याग्रह को एक मंच पर लाया जा सके। उन्होंने आगे लिखा कि 'आपकी कहानी नक्शे पर आएगी। आप देखेंगे कि आपकी तरह और कौन-कौन लड़ रहा है। और मैं जो कर सकता हूँ, करूँगा। संसद में, सड़क पर, खत लिखकर, जहां भी मेरी ज़रूरत हो वहां आपके साथ खड़ा रहूंगा। नेता विपक्ष के रूप में ये मेरी ज़िम्मेदारी है।

केन-बेतवा प्रोजेक्ट के विस्थापितों केआंदोलन का किया था समर्थन

राहुल गांधी ने 1 अक्टूबर को बालाघाट आने से पहले एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया था जिसमे उन्होंने पन्ना और छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित होने वाले ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन किया था। उन्होंने एक्स पर लिखा था कि 'कुछ दिनों पहले केन-बेतवा आंदोलन के आदिवासी भाई-बहनों से भी मिला था। परियोजना के कारण आज उनके गांव डूब रहे हैं, मगर सरकार से उन्हें न पुनर्वास मिला न मुआवज़ा मिला। बता दें कि, राहुल का इशारा पन्ना के कुंवरपुर गांव (मझगांय डैम प्रभावित क्षेत्र) में चल रहे चिता आंदोलन सत्याग्रह की तरफ था। इससे पहले अगस्त में राहुल छतरपुर जिले में आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से भी दिल्ली में मिले थे।

जल्द उज्जैन आ सकते है राहुल गांधी, 13 दिन में कर चुके दो दौरे

सूत्रों के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर मध्य प्रदेश आ सकते है। इंदौर और बालाघाट के बाद अब वह संगठन जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए उज्जैन में प्रस्तावित ब्लॉक-मंडल अध्यक्षों प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि वह नवरात्रि के बाद अक्टूबर माह के अंत या नवंबर में आ सकते है। हालांकि, कांग्रेस ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है।