
भोपाल/ मध्य प्रदेश में बीते चार दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसका असर लोगों के दिमाग पर भी पड़ने लगा है। अस्पतालों में ब्रैन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या 40 फीसदी तक बढ़ गई है। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी हमीदिया अस्पताल के आईसीसीयू में ब्रैन स्ट्रोक के रोजाना एक या दो मरीज ही आते थे, लेकिन पिछले सप्ताह से दिमाग की नसों में खून का थक्का जमने से ब्रेन स्ट्रोक (लकवा) से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़कर तीन से चार हो गई है। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, लगातार ठंड बढ़ने से ब्रेन स्ट्रोक के केस में बढ़ोतरी हुई है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
हमीदिया अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आरएस यादव ने बताया कि, ठंड में अन्य अंगों की तरह ह्रदय और दिमाग में मौजूद कोशिकाएं भी सिकुड़ती हैं। खून भी गाढ़ा होता है। ऐसे में जिन मरीजों को ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है- जैसे नसों में बलॉकेज। उन्हें ब्रैन स्ट्रोक का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि, इस समय अन्य बीमारियों के मरीजों में तो कमी आई है, लेकिन लेकिन ब्रैन स्ट्रोक के मरीजों में बढ़ोतरी हो रही है। डॉ. यादव के मुताबिक, अस्पताल में लकवा के मरीजों में भी बढ़ोतरी हुई है, इसके अलावा रोजाना तीन से चार मरीज ब्रेन स्ट्रोक के भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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ब्रैन स्ट्रोक से बचने बरतें ये सावधानी
-डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, क्रॉनिक किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीज खास सावधानी बरतें।