
Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अगले महीने होने जा रहे ब्रिक्स सम्मेलन ने नगर निगम के सामने आफत खड़ी कर दी है। वीवीआइपी मेहमानों के सामने शहर की अच्छी तस्वीर पेश करने की चुनौती से नगर निगम पहले ही जूझ रहा था। अब 1500 आवारा कुत्तों को पकड़कर इन्हें रखने की जिम्मेदारी का बोझ भी नगर निगम के कांधों पर आन खड़ा हुआ है। नगर निगम के पास इतने कुत्तों को पकड़कर रखने का कोई इंतजाम नहीं है और ना ही इन्हें खिलाने का बंदोबस्त। इन सबके बीच 5 से 8 अगस्त तक आयोजित होने वाली तृतीय ब्रिक्स कल्चर वर्किंग ग्रुप (सीडब्ल्यूजी) और संस्कृति मंत्रियों की बैठक की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
बीएमसी फिलहाल एयरपोर्ट से लेकर पॉलीटेक्निक, बोट क्लब, न्यू मार्केट और एमपी नगर जैसे वीवीआइपी रूट्स पर नगर निगम अतिक्रमण और आवारा मवेशियों को हटाने में जुटा है। पशु चिकित्सकों के मुताबिक, यह सीजन कुत्तों के ब्रीङ्क्षडग का है, जिससे वे आजकल अधिक आक्रामक हैं। आयोजन के दौरान आठ दिनों के लिए कुत्तों की टेरिटरी बदलना सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का सीधा उल्लंघन है। नई जगह पर कुत्तों के लिए सर्वाइवल का संकट खड़ा हो जाएगा, क्योंकि भौतिक, शारीरिक और मानसिक तनाव के कारण उनके प्राणों पर जोखिम होगा।
शहर में एक भी शेल्टर होम मौजूद नहीं है, जबकि सुप्रीम कोर्ट, राज्य व केंद्र सरकारें वर्षों से शेल्टर होम बनाने के लिए निर्देशित कर रही हैं। इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर में शेल्टर होम हैं, जबकि भोपाल में नहीं है। अभी भी केवल टेंडर जारी करने की तैयारी है। शहर में अभी कुल तीन एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर हैं, जिनकी क्षमता 500 से भी कम कुत्तों की है। यदि यहां कुत्ते रखे गए तो नसबंदी कार्यक्रम प्रभावित होगा। 1500 कुत्तों को रखने कम से कम 25,000 से 30,000 वर्ग फीट जगह की जरूरत है। एबीसी सेंटरों का संचालन कर रही निजी संस्थाओं ने भोजन और देखभाल के फंड की कमी का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए हैं।
-भोजन की मात्रा: प्रति कुत्ता 350 ग्राम प्रतिदिन की जरूरत होती है। आठ दिन में कुल 4.2 टन टन भोजन की जरूरत होगी।
-भोजन का कुल खर्च: 50-60 रुपए प्रति कुत्ता/दिन होता है। आठ दिनों का कुल खर्च 6 लाख रुपए से अधिक होगा।
-आवश्यक स्थान: 15-20 वर्ग फीट प्रति कुत्ता की जरूरत होती है। कुल 25,000 से 30,000 वर्ग फीट जगह की दरकार होगी।
भोपाल निगम आयुक्त संस्कृति जैन का कहना है कि, ब्रिक्स सम्मेलन के चलते वीवीआइपी रूट्स को व्यवस्थित किया जा रहा है। नियमों के तहत आवारा पशुओं व कुत्तों का प्रबंधन सुनिश्चित होगा।