
MP News : मुक्य चुनाव आयुक्त को लेकर देशभर में शुरु हुआ राजीनिक घमासान अब मध्य प्रदेश में भी गरमाने लगा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राजधानी भोपाला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि, 28 सितंबर को कांग्रेस पार्टी इलेक्शन कमीशन (चुनाव आयोग) के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगी। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों और प्रदर्शन को हार की बौखलाहट बताया है।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रेस खॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि, 28 सितंबर को कांग्रेस पार्टी भोपाल में स्थित मुख्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर का घेराव करेगी। साथ ही, सभी जिलों के कलेक्टर कार्यालयों पर भी प्रदर्शन करेगी। जीतू पटवारी ने कहा कि, कांग्रेस की मांग है कि, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया जाए।
प्रदेश कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर किए एक पोस्ट में जीतू पटवारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहते नजर आ रहे हैं कि, 'मध्य प्रदेश में भी "वोट-चोरी" सबूत के साथ सामने है, अब जनमत लूटने वाले असल अपराधियों को सजा देना जरूरी है।'
पटवारी ने प्रशासनिक अफसरों के साथ-साथ कर्मचारियों को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि, 'जो अधिकारी या कर्मचारी सरकार की चापलूसी करेगा, उसे वैसा ही जवाब मिलेगा। हम सरकार आने का इंतजार नहीं करेंगे, उनके व्यवहार का तत्काल वैसा ही जवाब देंगे। फिर भले ही वो एसपी हों, कलेक्टर हों, राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी या केंद्रीय निर्वाचन आयोग हो।' उन्होंने कहा कि, पंचायत के चुनाव हमेशा बैलट पेपर पर होते हैं। आगे भी बैलट पेपर से होने चाहिए।
दूसरी तरफ कांग्रेस के आरोपों और प्रदर्शन के ऐलान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि, चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाना लोकतंत्र का अपमान है। अगर कांग्रेस के पास कोई सबूत ह, तो उन्हें सामने लाएं। पंकज चतुर्वेदी ने कहा, राहुल गांधी लगातार मिल रही हार से हताश हैं और पूरी कांग्रेस पार्टी बौखलाहट में आकर ये सब कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि, 'क्या अब राहुल गांधी तय करेंगे कि चुनाव आयोग को क्या करना है और क्या नहीं?' उन्होंने कहा कि, जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो चुनाव आयोग सही होता है, लेकिन जब हारती है तो आयोग पर ठीकरा फोड़ने लगती है।