भोपाल

एमपी में बाढ़ और बारिश के हालात पर सरकार की नजर, ट्रिपल लेयर कंट्रोल रूम तैयार

Triple Layer Control Room : बैठक के दौरान नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने साफ कहा कि, प्रतिकूल परिस्थितियों में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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MP News :मध्य प्रदेश में करीब 48 घंटों से देखने में आ रहे मानसून के रौद्र रूप और भारी बारिश के बीच संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से नागरिकों को बचाने के लिए विभाग ने त्रिस्तरीय (राज्य, संभाग और जिला स्तर) नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने साफ किया है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राजधानी भोपाल में स्थित मंत्रालय में आयोजित बैठक के दौरान कहा गया कि, आपदा प्रबंधन की इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और असरदार बनाने के लिए कड़े प्रशासनिक इंतजाम किए गए हैं। जिलों में कंट्रोल रूम की पूरी कमान परियोजना अधिकारियों को सौंपी गई है जो सीधे जिलों के हालात पर पैनी नजर रखेंगे। ये नियंत्रण कक्ष मौसम विभाग के साथ लगातार समन्वय बनाए रखेंगे, ताकि बारिश, वज्रपात या बाढ़ का अलर्ट मिलते ही तुरंत जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

सीएम ने दिए निर्देश

इधर, मंत्रियों और अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- अभी मानसून प्रदेश में एक्टिव है, बावजूद इसके अबतक 15 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। आने वाले समय में और बारिश होने की संभावना है, इस दृष्टि से आज कुछ विशेष निर्देश दिए गए हैं।

-कम सिंचाई में उगाई जाने वाली फसलों को प्राथमिकता दें।
-चने की फसल के लिए आवश्यक बीज उपलब्ध कराएं।
-तालाबों के जलस्तर की नियमित रूप से निगरानी करें।
-अल्प वर्षा और अतिवृष्टि, दोनों स्थितियों में नागरिकों को परेशानी न हो।
-जहां बाढ़ की स्थिति बन रही है, वहाँ जिला प्रशासन और राज्य स्तर के कंट्रोल रूम सक्रिय रहें और तुरंत कार्रवाई करें।

शिकयत पर हो तुरंत एक्शन

मध्य प्रदेश में अब तक 2.35 लाख किसानों से 3.46 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हो चुकी है। मूंग की खरीदी में गुणवत्ता का ध्यान रखें और शिकायत मिलने पर तुरंत एक्शन लें।

जल निकासी से लेकर विस्थापन तक

आयुक्त संकेत भोंडवे के निर्देशों के मुताबिक यह त्रिस्तरीय व्यवस्था आपदा प्रभावित इलाकों में बिना किसी देरी के राहत पहुंचाएगी। इसके द्वारा जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट और आपातकालीन मशीनरी तैनात रहेगी।

नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर किया जाएगा शिफ्ट

जर्जर भवनों के गिरने की आशंका या निचले इलाकों में पानी भरने पर प्रभावित नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। विस्थापितों के लिए भोजन, शुद्ध पीने का पानी और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं बिना किसी रुकावट के उपलब्ध कराई जाएंगी।

Updated on:
11 Aug 2026 11:04 am
Published on:
11 Aug 2026 11:04 am