
Bhopal News (अपना घर वृद्धाश्रम में बुजुर्ग की मौत Photo Source- Patrika)
Old Age Home : संतान की परवरिश के लिए माता, पिता दिन रात एक कर देते हैं। कई बार खूब माल-ओ-दौलत भी कमा लेते हैं, ताकि उनके बच्चों का भविष्य बेहतर बनाया जा सके। साथ ही, जीवन के आखिरी पड़ाव में वहीं संतान जिसके लिए जीवनभर धन कमाने में लगाया, उसके काम आ सके। लेकिन, कई बार मामला इससे विपरीत और बेहद चौकाने वाला भी सामने आता है। ऐसा ही एक झकझोर कर रख देने वाला मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आया है। यहां जिस पिता ने अपने बेटे और बेटी के बेहतर भविष्य के लिए लिए पूरा जीवन लगाया। आरोप है कि, बच्चों ने उसी पिता से उसके अंतिम समय में मुहं मौड़ लिया।
कभी न कभी आपने जरूर सुना होगा कि, उम्र के अंतिम पड़ाव में कई संतानें बुजुर्ग माता, पिता की सुध तक नहीं लेती हैं। ऐसे ही शहर में स्थित अपना घर वृद्धाश्रम में रहने वाले एक बुजुर्ग पिता की मौत के बाद उसकी सुध लेने के लिए कोई नहीं पहुंचा। बुजुर्ग का शव अपनो के इंतजार में दो दिनों तक वृद्धाश्रम में रखा रहा, कई बार परिजन से संपर्क करने की कोशिश की गई ले किन कोई भी नहीं आया। आखिरकार वृद्धाश्रम प्रबंधन ने दो दिनों बाद बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कराया।
इंदौर निवासी साइकिल टायर ट्यूब का कारोबार करने वाले 70 वर्षीय घनश्याम की मौत विगत दिनों हो गई थी। वे पिछले डेढ़ साल से रोहित नगर अपना घर वृद्धाश्रम में रह रहे थे। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं, लेकिन अंतिम समय में कोई नहीं पहुंचा। आश्रम की संचालिका माधुरी मिश्रा ने बताया कि वे आश्रम में डेढ़ साल से रह रहे थे। तीन चार दिन पहले अचानक उनकी मौत हो गई।
आश्रम आने के बाद उन्होंने एक नंबर दिया था, उस समय जिनसे बात हुई, उन्होंने यहीं कहा कि उनसे हमारा कोई लेना देना नहीं है। मृत्यु के बाद हमने उस नंबर पर कई बार फोन लगाया, लेकिन किसी ने काल रिसीव नहीं किया। संपर्क नहीं होने के कारण हमने दो दिनों बाद बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कर दिया। इस तरह के कई मामले वृद्धाश्रम में आते हैं, जब कई बच्चे अपने बुजुर्ग माता, पिता को यहां छोड़ जाते हैं, और बाद में उनकी सुध तक नहीं लेते।
Updated on:
11 Aug 2026 08:39 am
Published on:
11 Aug 2026 08:39 am
