
CM Mohan Yadav- मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तीसरी सीट पर भोपाल से दिल्ली तक सियासी घमासान चल रहा है। राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले में बुधवार को दिनभर कई गतिविधियां चलती रहीं। दिल्ली में कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग (ईसी) से मिलकर रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को असंवैधानिक बताते हुए फैसला बदलने की मांग की। वहीं भोपाल में कांग्रेस विधायकों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। बताते हैं, आयोग से राहत नहीं मिलने पर कांग्रेस के पास सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प है। पार्टी इसकी तैयारी कर रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने राष्ट्रपति से मिलने का समय भी मांगा है। इधर, सीएम मोहन यादव ने इस मुद्दे पर बीजेपी और राज्य सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों का प्रतिवाद किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर गलती की। सीएम मोहन यादव ने पोल खोलते हुए कहा कि वहां एक सीट के लिए कई उम्मीदवार थे। कांग्रेस के यही नेता खेल बिगाड़ने के जिम्मेदार हैं।
कांग्रेसियों का उपवास, प्रदेश भर में प्रदर्शन
प्रदेशभर में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। भोपाल में विधायकों-वरिष्ठ नेताओं ने रोशनपुरा चौराहे पर उपवास कार्यक्रम किया। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा, चुनाव आयोग ने भाजपा के दबाव में नामांकन रद्द किया। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बोले- लोकतंत्र की हत्या की गई है।
भाजपा कार्यालय और सीएम हाउस घेरेगी कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र का चीरहरण किया है। इसके खिलाफ मप्र कांग्रेस एक माह में सभी जिलों में भाजपा कार्यालय और सीएम हाउस घेरेगी। दिल्ली में सभी विधायक राष्ट्रपति भवन के सामने मार्च करेंगे।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस पर पलटवार किया है। प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, फॉर्म 29 में प्रत्याशी को सभी जानकारी देनी होती है। विधायकों के विभाजन और हार के डर से कांग्रेस ने खुद यह षड्यंत्र रचा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार और बीजेपी पर लग रहे आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह खेल कांग्रेस ने ही बिगाड़ा है। राज्यसभा की एक सीट पर कांग्रेस के कई नेताओं की नजर थी।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि पंच-सरपंच चुनाव में भी आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी देते हैं। राज्यसभा चुनाव में कोई ऐसा करे, यह जानबूझकर की गई गलती है। भाजपा के लिए सौभाग्य की बात है, कमलनाथ की छिंदवाड़ा सीट जीती, फिर इंदौर में कांग्रेस लोकसभा में प्रत्याशी नहीं लड़ा सकी।