CM Mohan Yadav: भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित एक प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में सीएम मोहन यादव शामिल हुए। पूर्व मंत्री ने सीएम से केंद्र को जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्थान रिपोर्ट भेजने का आग्रह किया।
MP News: मध्यप्रदेश में 40 लाख आबादी वाली मीना समाज के लोग खुद को एसटी वर्ग में शामिल कराने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। समाज के लोगों ने अब मोहन सरकार से हस्तक्षेप की है। पूर्व मंत्री रामनिवास रावत (Ramniwas Rawat) ने इसकी पैरवी रविवार को भोपाल के रवींद्र भवन में हुए मीना समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की। रावत ने राजस्थान, गुजरात, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र का उदाहरण दिया। कहा कि इन राज्यों में मीना समाज को एसटी श्रेणी (Meena community ST status) में शामिल किया है।
पूर्व मंत्री ने इसे आधार बनाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) से केंद्र को जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्थान (टीआरडीआई) रिपोर्ट भेजने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने इस पर कहा कि जातिगत जनगणना होने वाली है, जिसमें सभी प्रश्नों का हल निकलकर आएगा। मीना समाज ने टीआरडीआइ भोपाल से समाज की आर्थिक व सामाजिक स्थिति का अध्ययन कराया है। यह पांच साल तक चला। रिपोर्ट का रावत ने सीएम से किया। कहा कि रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाए, ताकि समाज हित में निर्णय लिए जा सके।
मध्यप्रदेश के लटेरी और सिरोंज में मीना समाज को एसटी में अधिसूचित किया गया था, जिसे पहले ही बाहर किया जा चुका है। समाज के लोग तभी से पूरे मध्यप्रदेश में पाए जाने वाले मीना समाज को एसटी वर्ग में शामिल कराने की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मीना समाज 32 जिलों में है, जिनका 27 विधानसभा सीटों पर खासा प्रभाव है। भोपाल, विदिशा, नर्मदापुरम, मुरैना, मंदसौर और राजगढ़ समेत 8 लोकसभा में भी इनका असर है।
मीना समाज के सम्मेलन में रविवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। साथ में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत समेत समाज के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। (MP News)