भोपाल

‘MP आओ तो हिसाब भी बताओ’, सीएम मोहन यादव ने साधा राहुल गांधी पर निशाना

MP Politics: कांग्रेस नेता राहुल गांधी सितम्बर माह में मध्यप्रदेश आ रहे हैं...। राहुल गांधी के दौरे से पहले सीएम मोहन यादव ने साधा निशाना...।
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Updated: 1 Sep 2026, 7:11 PM IST
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mp politics- सीएम मोहन यादव ने मंगलवार को राहुल गांधी पर निशाना साधा...। (फोटो सोर्स-सीएम मोहन यादव एक्स, राहुल गांधी एक्स)

MP Politics: कांग्रेस नेता एवं संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (rahul gandhi) के मध्यप्रदेश आने से पहले सीएम मोहन यादव ने स्वागत किया है, साथ ही उन्हें सलाह दी है कि वे उनकी पार्टी का सारा हिसाब-किताब जनता को बताएं। साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक देश की जनता के साथ अन्याय किया। इसके लिए उसे देश से माफी मांगनी चाहिए।

सीएम डा. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) ने यह बात मंगलवार को राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। डा. यादव ने कहा कि मुझे मालूम पड़ा है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश आने वाले हैं। मध्यप्रदेश की धरती पर उनका स्वागत है। राहुल गांधी, आप जनता के बीच आइए। लेकिन, यहां आने के साथ अपने अतीत के शासनकाल का हिसाब भी जनता के सामने रखिए। आपके परनाना, आपकी दादी और आपके पिता ने लंबे समय तक दिल्ली में बैठकर देश की सरकार चलाई। उनके शासनकाल में राज्य के भीतर जो परिस्थितियां उत्पन्न हुईं और जनता को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ा, उन सबके लिए भी आपको जनता के सामने जवाब देना चाहिए।

जागरूक है मध्यप्रदेश की जनता

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता जागरूक है। वह इतिहास को भी जानती है और वर्तमान को भी समझती है। इसलिए आप मध्यप्रदेश आइए, जनता के बीच और अपने परिवार के लंबे शासनकाल की गलतियों के लिए जनता से माफी मांगिए। मध्यप्रदेश आपका इंतजार कर रहा है।

कांग्रेस शासनकाल में बदतर थी हालत

कांग्रेस ने अपने शासनकाल में स्कूली छात्रों को लैपटॉप, साइकल समेत कोई सुविधा नहीं दी। कांग्रेस के शासनकाल में 26 जनवरी-15 अगस्त के लड्डू के लिए भी छात्र तरस जाते थे। कांग्रेस नेताओं को युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। मध्यप्रदेश 1956 में बना। 1956 से लेकर 2002-03 तक राज्य का बजट समग्र रूप से 20 हजार करोड़ का था। शिक्षा विभाग के हाल थे कि वह शिक्षकों के लिए 300 रुपये का पैटर्न लाया। प्रदेश में आजादी के बाद 55 साल में केवल केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे। यह प्रदेश में शिक्षा की हालत थी।

Updated on:
1 Sep 2026, 7:11 PM IST
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