
CM Mohan Yadav taunts Congress: कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त (Meenakshi Natarajan Nomination Row) होने के बाद राज्यसभा की तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत मिली। तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा ने 11 जून जीत का प्रमाणपत्र दिया। कांग्रेस ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक उनके प्रत्याशी का फॉर्म निरस्त होने को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। हालांकि, फॉर्म निरस्त होने से पहले कांग्रेस अपने सभी 64 विधायकों को कर्नाटक शिफ्ट करने वाली थी जिसके लिए प्राइवेट जहाज भोपाल मंगवाया गया था। इस पर अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कांग्रेस पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि 75 सीटर जहाज में 25 विधायक भी नहीं बैठे थे।
सीएम मोहन यादव ने भोपाल स्थित भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि 'मुझे तो समझ नहीं आता कांग्रेस कितने तरीके और कितने प्रकार से झूठ बोलती है। कांग्रेस की प्रत्याशी भी झूठ बोलती है। चालाकी से तेलंगाना के मामले को छिपाया गया और उसे नामांकन में नहीं दिखाया गया।
सीएम ने कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को लेकर ग्रैंड ओल्ड पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ना अपने नेता पर भरोसा, ना कार्यकर्ताओं पर भरोसा, न उनके विधायकों पर भरोसा और चुनाव लड़ने हमारे बीच में आए। हवाई जहाज लाए 75 सीट का 64 सीट उनके पास पहले से थी लेकिन जहाज में 25 विधायक भी नहीं बैठे। तो इसके लिए कांग्रेस ने उनके घरवालों को जहाज में बैठा दिया। सीएम ने तंज कसने के अंदाज में आगे कहा कि तुम्हारे हवाई जहाज में लोग नहीं बैठे तो हम क्या करे? ये केवल बेवकूफ बनाने का तरीका है। जान बुझकर फार्म गलत भर दिया इसलिए जहाज उड़ने का का भी क्लीरेंस नहीं मिला। कांग्रेस के लोगों ने ही उनकी कमियां बताई। कांग्रेस के लोगों ने ही बोला कि उनके प्रत्याशी के फॉर्म में गड़बड़ी है।
मीनाक्षी नटराजन केस में दिल्ली में 12 जून को कांग्रेस की प्रेस कान्फ्रेंस हुई। यहां कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग ने लोकतंत्र का गला घोंटा है। एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रिटर्निंग अफसर ने बीजेपी के दबाव में राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Elections) के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया। उमंग सिंघार के अनुसार रिटर्निंग अधिकारी की बड़ी गलती है। वह खुद कह चुके हैं कि मैंने गलती की लेकिन इसी सरकार की नौकरी करनी है।