भोपाल

डमी कैंडिडेट तक नहीं भरा, कांग्रेस की 3 बड़ी चूकों ने किया MP की राज्यसभा सीट का कबाड़ा

MP Rajya Sabha seat - बीजेपी की जबर्दस्त रणनीति लेकिन कांग्रेस को भारी पड़ी अपनी गल्तियां, विधायकों के नाम पर प्रदेश नेताओं को उलझाया

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Jun 11, 2026
Congress blunders ruined the MP Rajya Sabha seat prospects
Meenakshi Natarajan मीनाक्षी नटराजन Photo Source- ANI

Meenakshi Natarajan- मप्र से राज्यसभा की तीसरी सीट पर मीनाक्षी नटराजन Meenakshi Natarajan का नामांकन रद्द कर दिए के बाद कांग्रेस देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रही है। प्रदेश के हजारों कार्यकर्ता जहां सड़क पर उतर आए हैं वहीं दिल्ली में कानूनी लड़ाई चल रही है। कांग्रेस प्रतिनिधियों ने बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग जाकर अपनी गुहार लगाई। यहां सुनवाई नहीं होने पर अब मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। गुरुवार को उन्होंने देश की शीर्ष कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है। इधर, नामांकन निरस्त होने के मामले में प्रदेश के अनेक दिग्गज नेता भी सवालों के घेरे में हैं। कुछ नेताओं की भूमिका बेहद संदिग्ध बताई जा रही है हालांकि नेतृत्व अभी कुछ बोलने के मूड में नहीं है। राज्यसभा उम्मीदवार तय करने से लेकर नामांकन निरस्त होने तक की पूरी प्रक्रिया में ऐसी अनेक चूकें सामने आई हैं जिससे कांग्रेस की परेशानी बढ़ गई। हाल ये है कि राज्यसभा के लिए पार्टी का कोई डमी कैंडिडेट तक नहीं था जिसका बीजेपी ने भरपूर लाभ उठाया। यही वजह है कि पार्टी के तीनों उम्मीदवारों के राज्यसभा जाने की संभावनाएं बलवती हो चुकी हैं।

प्रदेश बीजेपी शुरु से ही राज्यसभा की कांग्रेस की सीट पर नजर टिकाए बैठी थी। यह सीट दिग्विजय सिंह के कार्यकाल के समाप्त हो जाने के कारण खाली हो रही है। संख्या बल के हिसाब से बीजेपी को केवल 10 अतिरिक्त वोट की दरकार थी। वर्तमान हालातों में तीसरी सीट के लिए कांग्रेस विधायकों में सेंधमारी बहुत आसान थी पर शीर्ष नेतृत्व प्रत्याशी उतारने के लिए तैयार नहीं हो रहा था।

सीएम मोहन यादव ने प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और अन्य प्रादेशिक नेताओं को तीसरी सीट पर बीजेपी प्रत्याशी उतारने के लिए सहमत किया। पूरा गुणाभाग बताया और इसी के साथ प्रदेश नेता अपने उम्मीदवार को जिताने की तैयारियों में जुट गए। कांग्रेस के कुछ विधायकों से बाकायदा संपर्क किया और इसके बाद ही शीर्ष नेतृत्व को भरोसे में लेकर आधी रात महेश केवट की टिकट घोषित की।

कांग्रेस की कमियां ज्यादा रहीं

बीजेपी ने जबर्दस्त तैयारियां तो कीं पर कांग्रेस की कमियां ज्यादा रहीं। दरअसल, टिकट वितरण से लेकर नामांकन पत्र जमा करने तक में रणनीतिक चूक की गई। पार्टी नेताओं का मुगालता आखिरकार उन्हें ले डूबा।

  1. राज्यसभा चुनाव में अपनी सीट बचाने के लिए कांग्रेस की सबसे बड़ी चूक डमी कैंडिडेट के मामले में हुई। पार्टी नेताओं ने इसपर ध्यान ही नहीं दिया। डमी कैंडिडेट भरने का कोई विकल्प ही नहीं अपनाया। ऐसे में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त हो जाने के बाद कांग्रेस असहाय होकर रह गई।
  2. कांग्रेसी इस मामले में गोपनीयता भी बनाए नहीं रख सके। डमी कैंडिडेट न होने की जानकारी बीजेपी के पास पहुंच चुकी थी।
  3. बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं को अपने विधायकों को बचाने की कवायद में उलझा दिया। क्रास वोटिंग के डर से प्रदेश नेता, विधायकों की बाड़ेबंदी में लगे रहे। इस बीच बीजेपी के राहुल कोठारी ने रिटर्निंग अफसर को शिकायत कर दी और आखिरकार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करा दिया।
Published on:
11 Jun 2026 01:07 pm