भोपाल

कमलनाथ मंत्रिमंडल में फेरबदल की सुगबुगाहट तेज, कांग्रेस में मचा घमासान!

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोनिया को सौंपी रिपोर्ट, दिग्विजय पर लगाए आरोपों पर मंत्री सिंघार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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Sep 08, 2019
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भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मंत्री उमंग सिंघार के विवादों को लेकर अब कांग्रेस में घमासान मचा है। बीते शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सख्त लहजे में विवादित बयानबाजी करने वाले के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। साथ ही केंद्रीय अनुशासन समिति अध्यक्ष एके एंटनी को सभी पक्षों से बात कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोनिया ने विवाद खत्म होने के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल करने को कहा है।

अध्यक्ष एके एंटनी अनुशंसा के साथ सोनिया को रिपोर्ट सौंपेंगे। दिल्ली में सोनिया ने सीएम कमलनाथ व प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया के साथ संपूर्ण घटनाक्रम पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अपनी रिपोर्ट भी उन्हें सौंपी। विधायक रणवीर जाटव ने कहा, मीडिया में जो बयान आए हैं, वे मैंने नहीं दिए। मंत्री डॉ. गोविंद सिंह और तुलसी सिलावट पिता तुल्य हैं।

सोनिया नाराज, बढ़ सकती हैं सिंघार की मुश्किलें

दिग्विजय पर लगाए आरोपों पर मंत्री सिंघार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों के अनुसार कई मंत्रियों और पार्टी विधायकों ने सोनिया को पत्र लिखकर सिंघार की शिकायत की थी। इनमें कहा कि सिंघार सरकार को अस्थिर कर रहे हैं। उन्हें मंत्री पद से हटाया जाए।

सोनिया ने इन पत्रों का हवाला देते हुए कमलनाथ से उनका पक्ष जाना। सोनिया ने कहा, पूरा मामला साफ है, फिर भी इसकी अनुशासन समिति से जांच करवा ली जाए। उन्होंने सीएम से कहा कि वे अनुशासन तोडऩे वालों पर सख्त कदम उठाएं। अनुशासन समिति जल्द ही सिंघार को बुलाकर उनका पक्ष जानेगी।

जल्द हो सकता है मंत्रिमंडल में फेरबदल

उधर, दिग्विजय दो दिन पहले दिल्ली में सोनिया के सामने अपना पक्ष रख चुके हैं। दिग्विजय ने सोनिया से कहा कि वे इस घटनाक्रम से बड़े आहत हैं। उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सोनिया ने विवाद खत्म होने के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल करने को कहा है।

सोनिया ने दिखाई सख्ती, आरोपों से मुकरे विधायक

नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति से पार्टी में मचे घमासान पर अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सख्ती दिखाई है। इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने समर्थकों से उनके पक्ष में चलाए जा रहा अभियान बंद करने को कहा था। सिंधिया ने कहा था कि, मेरे पक्ष में जो प्रदर्शन, हवन-पूजन व बयानबाजी चल रही है, वे तत्काल बंद होनी चाहिए।

इस फरमान के बाद समर्थकों ने प्रदर्शन बंद कर दिए और भोपाल में लगे पोस्टर हटा दिए गये थे। अब दिग्विजय सिंह और उमंग का फैसला कांग्रेस अनुशासन समिति करेंगी। माना जा रहा है कि उमंग पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। क्योकि उमंग के खिलाफ पहले से भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं।

Updated on:
08 Sept 2019 10:57 am
Published on:
08 Sept 2019 08:06 am