
मध्यप्रदेश में एक बड़े अफसर को ड्राइवरों ने हटवा दिया। ट्रक ड्राइवरों की बैठक में अफसर ने अभद्रता से बात की। एक ड्राइवर बार-बार उनकी बात काटने लगा तो अफसर ने कहा-'तुम्हारी औकात ही क्या है'। इस पर ट्रक ड्राइवर गुस्सा उठे और प्रदेशभर में अफसर का विरोध शुरु हो गया। सीएम मोहन यादव ने भी इसपर नाराजगी जताते हुए अफसर को तुरंत कलेक्टर के पद से हटाकर भोपाल बुला लिया था। उसी अफसर को अब दोबारा कलेक्टर बनाने पर बवाल मच गया है। कांग्रेस ने इसका तगड़ा विरोध किया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने उन्हें भाजपा के प्रिय बताते हुए तंज कसा है।
राज्य सरकार ने किशोर कन्याल को श्योपुर का कलेक्टर बनाया है। कुछ माह पहले ही उन्हें शाजापुर के कलेक्टर पद से हटा दिया गया था। तब कलेक्टर के रूप में किशोर कन्याल का एक ट्रक ड्राइवर से अभद्रता से बात करते हुए वीडियो वायरल हो गया था।
सीएम मोहन यादव ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए दूसरे ही दिन कन्याल को मंत्रालय बुला लिया था। किशोर कन्याल को शाजापुर के कलेक्टर पद से हटाकर भोपाल में उप सचिव बना दिया गया। अब उन्हें श्योपुर का कलेक्टर बनाया गया है।
विवादित बयान पर शाजापुर से हटाए गए किशोर कन्याल को श्योपुर की कमान सौंपने पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस ने उनकी नियुक्ति को श्योपुर के विजयपुर में होनेवाले उपचुनाव से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी एक बार फिर लोकतंत्र का गला घोंटने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक्स हेंडल पर लिखा—
श्योपुर में चुनाव हैं, और मुख्यमंत्रीजी घबराए हुए हैं।
चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ने प्रशासनिक फेरबदल का खेल शुरू कर दिया है। विजयपुर उपचुनाव से पहले जिले के कलेक्टर को हटाना कई सवाल खड़े करता है, और अब भाजपा के प्रिय किशोर कन्याल को कलेक्टर नियुक्त किया गया है—वही जिन्होंने एक गरीब व्यक्ति को उसकी “औकात” बताई थी।
ऐसा लगता है कि भाजपा ने एक बार फिर लोकतंत्र का गला घोंटने की तैयारी कर ली है!
मैं श्योपुर के सभी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूँ कि यदि किसी भी सरकारी अधिकारी ने चुनाव में गड़बड़ी की, तो तुरंत मुझे फ़ोन करें। हमारी कानूनी सलाहकारों की टीम भाजपा के अलोकतांत्रिक तंत्र से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।