MP News: क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, चरस कोई नई चीज नहीं है, लेकिन हाल के समय में हाई-क्वालिटी और महंगी चरस का इस्तेमाल एक खास वर्ग तक सीमित हो गया है।
MP News: शहर में नशे की खेप काफी तेजी से अलग-अलग रास्तों से पहुंच रही है। साथ ही नशे का ट्रेंड भी बदल रहा है। जहां एक ओर एमडी ड्रग्स और गांजा आम लोगों में ज्यादा प्रचलित हैं, वहीं अब शहर के रईस वर्ग और हाईप्रोफाइल पार्टियों में मलाना क्रीम चरस की मांग बढ़ती नजर आ रही है। यह खुलासा क्राइम ब्रांच की कार्रवाई से हुई है। इसमें खास बात यह है कि इस किस्म की चरस हिमाचल प्रदेश के कसोल घाटी से आती है और देश ही नहीं, विदेशों में भी इसकी काफी डिमांड है।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, चरस कोई नई चीज नहीं है, लेकिन हाल के समय में हाई-क्वालिटी और महंगी चरस का इस्तेमाल एक खास वर्ग तक सीमित हो गया है। इसकी ऊंची कीमत और सीमित सप्लाई के कारण यह आम लोगों की पहुंच से बाहर है। यही वजह है कि इसे शहर में छोटे लेकिन संगठित नेटवर्क के जरिए सप्लाई किया जाता है।
जांच में यह बात सामने आई है कि मलाना क्रीम और अन्य प्रीमियम चरस की खेप हिमाचल प्रदेश से सीधे या फिर बिहार और नेपाल के रास्ते मध्य भारत तक पहुंचती है। इस पूरे नेटवर्क में कम लोग शामिल होते हैं, जिससे इसे ट्रैक करना भी चुनौतीपूर्ण रहता है।
क्राइम ब्रांच पुलिस का कहना है, इस नेटवर्क की पहुंच हाई-प्रोफाइल लोगों तक है। अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ी निगरानी के लिए टीमें लगी है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
केस-1
क्राइम ब्रांच डीसीपी अखिल पटेल ने बताया कि जनवरी 2024 में एक बड़ी कार्रवाई के दौरान 36.18 किलो चरस जब्त की गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 12.5 करोड़ रुपए बताई गई। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो नेपाल से चरस लेकर आ रहे थे। यह खेप भोपाल नहीं, बल्कि इंदौर भेजी जानी थी।
केस-2
इसके अलावा 2025 में क्राइम ब्रांच कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को 8.4 किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया गया, जिसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई। यह चरस भी कसोल घाटी से लाई गई थी और इसे शहर में सप्लाई किया जाना था।
केस-3
इसी तरह से 2026 में क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को 1.6 किलो चरस के साथ पकड़ा, जिसकी कीमत करीब 7 लाख रुपए बताई गई। वहीं पिछले कुछ महीनों में छोटे स्तर पर भी कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ ग्राम से लेकर आधा किलो तक चरस बरामद की गई है।