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केंद्र की तर्ज पर एमपी में खत्म होंगे 6 श्रम कानून, सिंगल एक्ट ला रही सरकार, कर्मचारियों को बड़े फायदे

MP Government: सिंगल एक्ट लाने की तैयारी में प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली 4 सदस्यीय टीम कर रही काम, जानें क्या-क्या फायदे

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MP Government on Labour Laws

MP Government on Labour Law (: 6 श्रम कानूनों को खत्म कर सिंगल एक्ट की तैयारी कर रही मध्य प्रदेश सरकार। (फोटो सोर्स: freepik)

MP Government Single Act: मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में जल्द ही 6 पुराने श्रम कानूनों को खत्म करेगी। सरकार इनके बजाय सिंगल एक्ट लाना चाहती है। नया सिंगल एक्ट आने के बाद रेलवे स्टेशन पर रेस्टोरेंट्स और थिएटर्स को रात भर खोलने की अनुमति मिल जाएगी। जबकि अब तक ये देर रात 1.30 बजे तक ही खोले जा सकते थे। वहीं इसका बड़ा लाभ कर्मचारियों को भी मिलेगा।

5 सदस्यीय टीम गठित

6 नये पुराने श्रम कानून खत्म करने और नया सिंगल एक्ट बनाने की तैयारी के लिए बकायदा 5 सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम गठित की गई है। इस टीम में स्वास्थ्य विभाग अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल की अध्यक्ष, तो अन्य चार सदस्यों में मनीष रस्तोगी, श्रम सचिव रघुराज एमआर,विधि सचिव मुकेश कुमार और भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्र शामिल हैं।

तीन बार बैठकें, प्रारूप लगभग तैयार

5 सदस्यीय यह उच्च स्तरीय टीम अब तक तीन बार बैठकें आयोजित कर चुकी है। वहीं सिंगल एक्ट के लिए प्रारूप भी लगभग तैयार हो चुका है।

केंद्र की तर्ज पर एमपी में लाया जा रहा एक्ट

बता दें कि केंद्र सरकार ने 2025 में 29 श्रम कानूनों को समाहित कर चार लेबर कोड लागू किए थे। अब उसी तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार भी एक समग्र श्रम कानून कोड या एक्ट लाने की तैयारी कर चुकी है।

क्या होंगे फायदे

इस सिंगल एक्ट से कर्मचारियों के वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध, कार्यस्थल सुरक्षा, स्वास्थ्य से जुड़े प्रावधान शामिल होंगे। इसके लागू होने पर केंद्र और राज्य सरकार के अलग-अलग श्रम कानून एक ही ढांचे में आ जाएंगे।

  • प्रतिष्ठानों या उद्योगों पर अनावश्यक बंदिशें खत्म होंगी
  • सप्ताह में एक छुट्टी, वो भी कर्मचारी खुद तय करेगा।
  • काम करने के घंटे तय होंगे।
  • यदि किसी को भी नई दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोलना है, तो सरकारी इंसपेक्टर वेरिफिकेशन के लिए नहीं आएगा। बल्कि व्यापारी एक सिंगल आवेदन देकर दुकान या प्रतिष्ठान खोल सकता है।

यहां जानें कौन-कौन से श्रम कानून होंगे खत्म

  • मध्य प्रदेश इन्सॉल्वेंसी एक्ट-1946
  • मध्य प्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम- 1960
  • मध्य प्रदेश औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम- 1961
  • मध्य प्रदेश श्रम कल्याण निधि एक्ट- 1982 (स्लेट-पैंसिल एक्ट के साथ)दरअसल कुछ समय पहले ही स्लेट पैंसिल एक्ट का विलय करके मध्य प्रदेश श्रम कल्याण निधि संशोधन एक्ट 2026 लाया गया। इसे भी खत्म किया जाएगा।
  • मध्य प्रदेश असंगठित कर्मकार कल्याण, 2003

आखिर क्यों पड़ी जरूरत, क्या है उद्देश्य?

एक साथ 6 कानूनों को खत्म कर एक सिंगल एक्ट लाने से सरकार का उद्देश्य कानूनों को सरल बनाना है। ताकि श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा दी जा सके। उद्योगों के लिए अनुपालन आसान करना। वहीं रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।

प्रतिष्ठान और कर्मजारी को बराबरी का दर्जा

अफसरों के मुताबिक पहले के एक्ट प्रतिष्ठान को ध्यान में रखकर बनाए गए थे, कर्मचारी को ध्यान में रखते हुए नहीं। न ही कर्मचारी को ध्यान में रखते हुए छुट्टी होती थी। अब प्रतिष्ठान और कर्मचारी दोनों को बराबरी का दर्जा दिया जाएगा। कोई भी दुकान या प्रतिष्ठान जब 24 घंटे खुलते हैं, तो कर्मचारी को तीनों पहर मिलेंगे जब को काम कर सकेगा। इससे रोजगार के नए अवसर बनेंगे। नए सिंगल एक्ट में ईज ऑफ वैल्यू क्रिएशन की बात कही जा रही है।