भोपाल

भारत से आस्ट्रेलिया जाकर शुरू किया धंधा, ग्राहक बनाकर ठगे 250 करोड़, STF ने किया गिरफ्तार

Consumer fraud in 22 countries in online business - भारत से आस्ट्रेलिया जाकर शुरू किया धंधा, 22 देशों के लोगों को ग्राहक बनाकर ठगे 250 करोड़

3 min read
Aug 06, 2019

भोपाल. कानून के हाथ लंबे होते हैं ये सब ने सुना है। लेकिन, मध्यप्रदेश का ही एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें ठगी ( consumerfraud ) का व्यापारी 22 देशों ( countries ) में अपना धंधा चल रहा। ये जानकार थोड़ा हैरान हुई।

लेकिन ये सच है कि ( madhya pradesh ) मध्यप्रदेश के शिवपुरी में जन्म मास्टर माइंड हरप्रीत सिंह साहनी ने भारत ( Indian ) से आस्ट्रेलिया ( Australia ) जाकर ठगी का धंधा शुरू किया और 22 देशों के लोगों को ग्राहक बनाकर 250 करोड़ रुपये की ठगी की। मध्यप्रदेश एसटीएफ ने मास्टर माइंड हरप्रीत सिंह को अब गिरफ्तार कर लिया।

ये खुलासा हरप्रीत से पूछताछ में हुआ है। एसटीएफ ने हरप्रीत को दिल्ली से पकड़ा था। वह दिल्ली एयरपोर्ट के पास एक होटल में रुका था और दुबई जाने की तैयारी में था। हरप्रीत ने मेलबोर्न ( Melbourne ) समेत आस्ट्रेलिया में 12 करोड़ रुपए की संपत्ति खरीदी है।

पूछताछ में पता चला है कि हरप्रीत आस्ट्रेलिया में सिक्योरिटी एजेंसी चलाता था। इसके बाद वह क्रिप्टो करंसी ( Cryptocurrency ) के धंधे में आया। लोगों को प्रभावित करने के लिए उसने मलेशिया ( Malaysia ) के मेल डेविडसन को साथ लिया। मार्च 2017 तक दोनों ने आस्ट्रेलिया में ही 105 अप्रवासी भारतीयों से 100 करोड़ की ठगी की थी। लोगों को जब इसका रिटर्न नहीं मिला तो शिकायत की गई।


22 देशों में चला रहा था ये व्यापार

क्रिप्टो करंसी के जरिये 22 देशों के भारतीय एवं अन्य नागरिकों से करीब 250 करोड़ की ठगी करने वाला मास्टर माइंड हरप्रीत सिंह साहनी का जन्म शिवपुरी में हुआ था। बाद में वह आस्ट्रेलिया शिफ्ट हो गया और वहीं से क्रिप्टो करंसी (पीजीयूसी) का धंधा करने लगा। उसने अप्रवासी भारतीयों को दो से तीन गुना मुनाफे का लालच देकर रुपए इकट्ठा किए। इसके बाद हरप्रीत मलेशिया निवासी मेल डेविडसन के संपर्क में आया और दोनों ने 250 करोड़ रुपए की ठगी की।

एसटीएफ ने पकड़ा था गिरोह

मप्र एसटीएफ ( STF ) ने पिछले महीने क्रिप्टो करंसी से जुड़े एक गिरोह को पकड़ा था। इस मामले में आस्ट्रेलिया में रहने वाले अप्रवासी भारतीय राजीव शर्मा ने एसटीएफ को हरप्रीत और डेविडसन की शिकायत की थी। इसके बाद से हरप्रीत की मूवमेंट पर एसटीएफ ने लगातार नजर बनाए रखी। अब तक की पूछताछ में एसटीएफ को 22 देशों के 79 शहरों में सैकड़ों लोगों के साथ ठगी के सबूत मिले हैं।

अलग-अलग आईपी एड्रेस ( IP address ) से बनाते थे ग्राहक

एसटीएफ स्पेशल डीजल पुरुषोत्तम शर्मा ने सोमवार को बताया कि आरोपी क्रिप्टो करंसी का ऑनलाइन व्यापार ( onlinebusiness ) करते थे। इसके लिए अलग-अलग आईपी एड्रेस से लोगों को ग्राहक बनाया जाता था। एसटीएफ को अंदेशा है कि एक आईपी एड्रेस से कम से कम दस लोगों से ठगी को अंजाम दिया गया। इस संबंध में हरप्रीत से पूछताछ की जा रही है।

शर्मा ने बताया कि आस्ट्रेलिया एवं 22 देशों की हाई कमीशन को पत्र लिखकर जांच में सहयोग मांगा जाएगा। अभी तक की जांच में सामने आया है कि मेल डेविडसन क्रिप्टो करेंसी की आर्टिफिशियल ग्रोथ दिखाता था, जिसके एवज में उसे तीन हजार डॉलर मिलते थे।

इन देशों ( countries ) में ठगी को दिया अंजाम

हरप्रीत-डेविडसन के साथ काम करने वाले जालसाजों के तार ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, कोलंबिया, कोस्टारिका, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मलेशिया, पाकिस्तान, फिलीस्तीन, पौलेंड, रूस, सिंगापुर, स्विटजरलैंड, इंग्लैंड, तुर्की और अमेरिका में जुड़े हैं। इंग्लैंड के 62, ऑस्ट्रेलिया के 35, अमेरिका के 34 आईपी एड्रेस से ठगी ( online business frauds ) की गई।

दुबई ( Dubai ) में 100 करोड़ के निवेश की थी योजना

क्रिप्टो करेंसी और ठगी ( fraud ) का मामला सामने आनेके बाद हरप्रीत सिडनी (आस्ट्रेलिया) से मेलबोर्न शिफ्ट हो गया। इसके बाद वह दुबई व भारत में छिपकर रहने लगा। एसटीएफ को सूचना मिली कि हरप्रीत अमरावती व राजस्थान के व्यापारियों के संपर्क में है। इनके साथ मिलकर दुबई में 100 करोड़ रुपए के निवेश ( business ) करने की योजना बना रहा है।

Updated on:
06 Aug 2019 08:31 am
Published on:
06 Aug 2019 08:08 am
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