MP News- वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा के बाद प्रदेश में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल कर आइएएस-आइपीएस अधिकारियों को नए दायित्व देने की अंदरखाने तैयारी
MP News- मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव होनेवाला है। कई जिलों के कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक यानि एसपी बदले जाएंगे। इसकी कवायद तेज हो चुकी है। राज्य के आइएएस-आइपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल के लिए वरिष्ठ स्तर पर बातचीत चल रही है। राज्य के सीएम मोहन यादव व सीएस अनुराग जैन के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा के बाद प्रदेश में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल कर आइएएस-आइपीएस अधिकारियों को नए दायित्व देने की अंदरखाने तैयारी की जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 खत्म हो चुका है और 2026-27 की शुरुआत हो गई है। प्रदेशभर के कलेक्टर-संभागायुक्तों को राजस्व संग्रहण के जो लक्ष्य मिले थे, उसके परिणाम भी सामने आ चुके हैं। एसआइआर की बंदिश तो काफी पहले ही खत्म हो चुकी हैं। प्रशासनिक दक्षता के साथ ही अधिकारियों के काम करने के तरीके व आम जनों से उनके व्यवहार को परखा जा रहा है। बीजेपी के स्थानीय प्रमुख नेताओं व सांसद-विधायकों से जिलास्तर के प्रमुख अधिकारियों के संबंध भी एक प्रमुख कसौटी बनी है।
सीएम मोहन यादव व सीएस अनुराग जैन ने अच्छे व बुरे बर्ताव के कारण निशाने पर आए कई आइएएस के संबंध में बातचीत की है। निगेटिव रिपोर्ट वाले अधिकारियों को मौजूदा ओहदे से हटाकर दूसरी जिम्मेदारी देने पर चार दौर की चर्चा पूरी की जा चुकी है।
पुलिस महकमे में भी खासा बदलाव किया जाना है। कई जिलों के एसपी बदले जा सकते हैं। पीएचक्यू द्वारा तैयार की गई सूची पर राज्य के डीजीपी और मुख्यमंत्री के बीच एक दौर की मंत्रणा भी हो चुकी है।
चर्चा है कि 15 से ज्यादा जिलों के एसपी को इधर से उधर किया जाएगा। इसके अलावा खंडवा, भिंड, धार, रीवा और झाबुआ और दो रेल एसपी सहित 9 अधिकारी ऐसे हैं जो प्रमोट होने के बाद भी एसपी की भूमिका में तैनात है। ऐसे में इन्हें नई जिम्मेदारी मिलना तय है। साथ ही परफॉर्मेंस पर एसपी को बड़े जिलों की कमान मिल सकती है।