
MP News : बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले में भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं है, ऐसा क्या कारण है कि, वो अपनी पार्टी में आने वाले नेताओं को संभाल नहीं पा रही है। पिछले साल 13 सितंबर 2025 को कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए कई नेता आखिर क्यों नाराज हैं। क्या उन्हें मनाने का का प्रयास नहीं किया? ऐसा क्या हुआ कि एक साल में ही उन्हें मान-सम्मान के लिए जूझना पड़ा। नए लोगों को तवज्जो नहीं मिलना भी क्या इनके मोहभंग का अहम कारण है।
आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश की टीकमगढ़ नगर पालिका में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। यहां एक साथ पार्टी के पांच पार्षदों ने पार्टी का दामन छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है। जो पांच पार्षद भाजपा में लौटे हैं, उनमें चीता भाई कुशवाहा, अरविंद सिंह, राखी ध्रुव यादव, अंशुल जैन और रामकुमार यादव शामिल हैं। मंगलवार को टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला के साथ सभी भोपाल स्थित पीसीसी दफ्तर पहुंचे और पार्टी की सदस्यता ली। इस दौरान टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे मौजूद रहे।
खास बात ये है कि, टीकमगढ़ नगर पालिका के जिन पांचों पार्षदों ने आज कांग्रेस की सदस्यता ली है वो सभी आज से करीब 375 दिन पहले ही 13 सितंबर 2025 को कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। लेकिन इस एक साल की अवधि में ही उन्हें सत्ताधारी दल भाजपा में वो तवज्जो नहीं मिली, जिसके चलते वो पार्टी में गए थे।
भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पार्षद रामकुमार यादव ने आरोप लगाते हुए कहा है कि, भाजपा में उन्हें मान-सम्मान नहीं मिला। अपने वार्ड में काम कराने के लिए उन्हें काफी परेशान होना पड़ता रहा। उन्होंने कहा कि, लगभग एक साल पहले भोपाल में भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उनकी मुलाकात हुई थी। उस समय उन्होंने वादा किया था कि, टीकमगढ़ में भाजपा के किसी बड़े कार्यक्रम में उन्हें सार्वजनिक रूप से सदस्यता दिलाई जाएगी। लेकिन, औपचारिक सदस्यता करा पाना अबतक संभव ही नहीं हुआ। जबकि, पिछले एक साल में सीएम मोहन यादव टीकमगढ़ के कई दौरे कर चुके हैं। पांचो पार्षदो का कहना है कि, वो भाजपा में उपेक्षा के चलते वापस कांग्रेस में लौटे हैं।