भोपाल

एमपी में कर्मचारियों को एक्सट्रा मिलेंगे 25 हजार से लेकर 2 लाख रुपए, सरकार की बड़ी सौगात

MP Employees- फैमिली बेनिफिट फंड, जीआईएस ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम और सरकारी समूह बचत योजना के अंतर्गत काटी जा रही राशि में गफलत होगी खत्म

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Jan 11, 2026
कर्मचारियों को एक्सट्रा मिलेंगे 25 हजार से लेकर 2 लाख रुपए- Demo pic

MP Employees- मध्यप्रदेश के कर्मचारियों, अधिकारियों के लिए खुशखबरी आई है। सरकार की एक कवायद उन्हें हजारों, लाखों रुपए का लाभ दिलानेवाली है। प्रदेश में सरकारी अमले की बचत की पूरी तरह सही गणना की नई प्रणाली बनाई गई है। इसमें कर्मचारियों, अधिकारियों के वेतन से काटी जानेवाली राशि में गफलत नहीं हो सकेगी। नए सिस्टम में उन्हें पूरी ब्याज राशि का लाभ होगा। प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन से फैमिली बेनिफिट फंड, जीआईएस ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम और सरकारी समूह बचत योजना के अंतर्गत कटौती की जाती है। इनकी उचित गणना नहीं होने से 25 हजार रुपए से लेकर 2 लाख रुपए तक की राशि का अंतर सामने आ रहा था। अब सरकारी अमले को पूरे पैसे मिलेंगे जोकि एक्सट्रा राशि होगी।

एमपी के करीब 8 लाख अधिकारी, कर्मचारी पुरानी पेंशन, एनपीएस और यूपीएस में शामिल हैं। ये सभी तीन बचत योजनाओं के अंतर्गत आते हैं। अब तक वरिष्ठ अधिकारी बचत राशि के ब्याज का आकलन अपने हिसाब से करते थे। उचित गणना नहीं होने से अधिकारियों, कर्मचारियों को कम राशि मिल रही थी।

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वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार राज्य के सरकारी अमले को बचत की राशि सेवा पूरी होने पर ब्याज सहित दी जाती है। इसमें हर माह 400 से ज्यादा रुपए काटे जाते हैं। बचत की इस राशि के रिकॉर्ड और ब्याज गणना में गफलत हो रही थी।

बचत राशि में गड़बड़ी को दूर करने के लिए वित्त विभाग ने नया सिस्टम बनाया

बचत राशि में हो रही इस गड़बड़ी को दूर करने के लिए वित्त विभाग ने नया सिस्टम बनाया। एप्लीकेशन https://www.pension. mp.gove.in विकसित कर इससे गणना करने को कहा गया है। वित्त विभाग ने सभी अधिकारियों को संबंधित योजना के अनुसार इसी एप्लीकेशन से भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने शनिवार को इसके आदेश भी जारी कर दिए।

बचत योजनाओं के अंतर्गत प्रथम श्रेणी अधिकारियों के वेतन से मासिक 600 रुपए और द्वितीय श्रेणी अधिकारियों के वेतन 400 रुपए काटे जाते हैं। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वेतन से क्रमश: 200 और 100 रुपए की कटौती की जाती है। 70 प्रतिशत राशि बचत में जमा होती है जबकि 30 प्रतिशत बीमा में भेजी जाती है।

मप्र पहला राज्य जहां केंद्रीकृत व्यवस्था लागू

बचत राशि की गणना के नए एप्लीकेशन से गड़बड़ी नहीं होगी। मप्र पहला राज्य है जहां यह केंद्रीकृत व्यवस्था लागू की गई है।

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Published on:
11 Jan 2026 03:14 pm
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