MLA Salary- मध्यप्रदेश सरकार के कर्मचारियों, अधिकारियों की आस भी जाग गई है। पूर्व के वेतनमानों की तरह उन्हें भी देरसबेर आठवें वेतनमान का लाभ मिलना तय है। इस बीच राज्य सरकार ने विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन-भत्तों व पेंशन के लिए बड़ी कवायद शुरु की है।
MLA Salary- केंद्र ने सरकारी अमले के लिए आठवें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है। इससे जहां केंद्रीय कर्मचारियों में खुशी है वहीं मध्यप्रदेश सरकार के कर्मचारियों, अधिकारियों की आस भी जाग गई है। पूर्व के वेतनमानों की तरह उन्हें भी देरसबेर आठवें वेतनमान का लाभ मिलना तय है। इस बीच राज्य सरकार ने प्रदेश के विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन-भत्तों व पेंशन के लिए बड़ी कवायद शुरु की है। उप मुख्यमंत्री और प्रदेश वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इसके लिए पुनर्विचार बैठक बुलाई। यहां विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन-भत्तों व पेंशन के संबंध में उन्होंने अहम निर्देश दिए।
मंगलवार को मंत्रालय में यह अहम बैठक हुई। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में समिति के सदस्य विधायक अजय विश्नोई और सदस्य सचिव प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन उपस्थित रहे। समिति के सदस्य कांग्रेस के विधायक सचिन सुभाष यादव बैठक में वीसी के माध्यम से शामिल हुए।
प्रदेश के विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन, भत्ते और पेंशन की वर्तमान व्यवस्थाओं की बैठक में गहराई से समीक्षा की गई। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा व समिति सदस्यों ने विधानसभा के वर्तमान व पूर्व सदस्यों के वेतन, भत्तों और पेंशन पर पुनर्विचार किया।
राज्य में विधायकों के वेतन भत्तों में बढ़ोत्तरी का दबाव लगातार बढ़ता रहा है। इस तारतम्य में वेतन, भत्तों और पेंशन पर पुनर्विचार बैठक में दूसरे राज्यों में विधायकों तथा पूर्व विधायकों को मिलने वाले वेतन भत्ते व पेंशन संबंधी रिपोर्ट का अध्ययन भी किया गया।
पुनर्विचार बैठक में कई बिंदुओं पर मंथन किया गया। उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश के विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन, भत्तों और पेंशन में पुनर्विचार के लिए कुछ अन्य राज्यों से जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए। समिति की अगली बैठक 11 नवंबर 2025 को होगी।