
flood in mp: मध्य प्रदेश में कई शहर जहां अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं, वहीं कई क्षेत्रों में मानसून ने तांडव शुरू कर दिया है। यही हाल है नर्मदापुरम का। यहां शनिवार देर रात हुई बारिश से हालात बदतर हो गए हैं। हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। पूरा शहर टापू में तब्दील हो चुका हैं। घरों में पानी भर गया है।
हालात ये हैं कि अब लोग घरों में कैद हो गए हैं। यहां नदी-नाले उफन चुके हैं। कई ग्रामीण इलाकों में बाढ़ आ गई है। वहीं मौसम विभाग की भविष्यवाणी ने प्रशासन को अलर्ट मोड में ला दिया है।
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में बारिश का सितम ये है कि अब तक 11 घरों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है। एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। वहीं एक महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। शहर से लेकर कई ग्रामीण इलाकों में बारिश आफत बनकर टूटी है। नर्मदापुरम शहर और सोहगपुर, डोलरिया ग्रामीण सहित अन्य क्षेत्रों में राहत शिविर लगाए गए हैं।
अधिकारी फील्ड में उतरकर काम कर रहे हैं। रविवार को सुबह से ही ADM, सभी SDMs, सभी CEOs, सभी CMOs और तहसीलदार फील्ड में उतरे नजर आए।
मौसम विभाग ने यहां आज फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। नर्मदापुरम में बारिश के कहर के बाद स्थानीय प्रशासन अलर्ट है। लेकिन मौसम विभाग की ओर से जारी की गई भारी बारिश की चेतावनी ने प्रशासन को सकते में ला दिया है।
मौसम विभाग की ओर से नर्मदापुरम समेत एमपी के कई शहरों और जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जिसके बाद जिला कलेक्टर सोनिया मीना ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर ने तुरंत चिकित्सा और आर्थिक सहायता के निर्देश दिए हैं।
शोभापुर पिपरिया मुख्य मार्ग, बनवारी मोकलवाडा रपटा एवं हथवास सिलारी रपटा, नगर परिषद बनखेड़ी क्षेत्र अंतर्गत स्थित ओल नदी पर मार्ग बाधित हुआ। कर्मचारी सुरक्षा हेतु तैनात कर दिए गए हैं।
वहीं नर्मदापुरम स्थित मध्य प्रदेश के फेमस हिल स्टेशन पचमढ़ी में भारी भू-स्खलन हो गया। जिससे यहां आवागमन बाधित हो गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यहां टूरिस्ट की एंट्री फिलहाल रोक दी है।
नर्मदापुरम जिले में सबसे ज्यादा बारिश 9.5 इंच पिपरिया में दर्ज की गई। वहीं इटारसी में 6 इंच बारिश हुई है, तो नर्मदापुरम शहर में सबसे कम ढाई इंच बारिश