Threatening to Bomb Parliament Case: दिल्ली की अदालत ने एमपी के पूर्व विधायक को ठहराया दोषी, संसद को बम से उडा़ने की धमकी का मामला, धारा 506 के तहत ठहराया दोषी, नहीं हुआ ट्रायल, विधायक का बयान कैसे दे सकते हैं सजा, पढ़ें पूरा मामला
Threatening to Bomb Parliament Case: दिल्ली की अदालत ने बालाघाट जिले की लांजी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक किशोर समरिते को सितंबर 2022 में संसद को उड़ाने की धमकी देने के मामले में दोषी ठहराया है। पूर्व विधायक समरिते की मुश्किलें बढ़ सकती है। हालांकि, विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने उन्हें विस्फोटकों के कब्जे और जीवन को खतरे में डालने या इसके माध्यम से चोट पहुंचाने के आरोपों से बरी किया है।
अदालत ने कहा, एक पार्सल में पाए गए पदार्थ की जांच पर वह हानिरहित निकला। फिर भी यह स्थापित किया गया है कि आरोपी ने मांगे पूरी नहीं किए जाने पर भारत की संसद को उड़ाने के खतरे के साथ 16 सितंबर 2022 को एक पत्र भेजा। अदालत ने 18 फरवरी के फैसले में आरोपी को मारने या गंभीर रूप से चोट पहुंचाने की धमकी के तहत दोषी ठहराया।
धाराओं में ट्रायल चला, उनमें मैं बरी किया गया हूं। जिस 506 धारा के तहत दोषी ठहराया गया है, उस पर ट्रायल नहीं हुआ, तो सजा कैसे दे सकते हैं।
- किशोर समरिते, पूर्व विधायक