MP News: निवेश के नाम पर देशभर के नौ से ज्यादा राज्यों में ठगी करने वाली अंतरराष्ट्रीय गैंग के लूट का साम्राज्य राजस्थान में भी फैला हुआ है। एसटीएफ की जांच में जयपुर और जोधपुर में स्पोर्ट्स की फर्जी फर्में संचालित कर रखी है। इंदौर के ईशान सलूजा ने फर्जी फर्म यॉर्कर एफएक्स और यॉर्कर कैपिटल के खिलाफ निवेश के नाम पर ठगे जाने की पहली शिकायत दर्ज करवाई थी।
MP News: निवेश के नाम पर देशभर के नौ से ज्यादा राज्यों में ठगी(32 Billion Fraud) करने वाली अंतरराष्ट्रीय गैंग के लूट का साम्राज्य राजस्थान में भी फैला हुआ है। एसटीएफ की जांच में जयपुर और जोधपुर में स्पोर्ट्स की फर्जी फर्में संचालित कर रखी है। जिनमें एक साल में करोड़ों के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। यह कंपनिया गैंग के सरगना लविश चौधरी के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। टीम दस्तावेज और संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी ले रही है। यॉर्कर एफएक्स और यॉर्कर कैपिटल फर्म का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जब एसटीएफ ने पड़ताल की तो हरियाणा की एक कंपनी जांच में सामने आई जिसमें अरबों का संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिला। एसटीएफ ने छापा मारा तो कंपनी एक कमरे में संचालित मिली। डिटेल निकाली तो राजस्थान की स्पोर्ट्स कंपनियां सामने आईं। जिनका आपस में लिंक निकला। हरियाणा की फर्म से 300 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन मिला है।
इंदौर के ईशान सलूजा ने फर्जी फर्म यॉर्कर एफएक्स और यॉर्कर कैपिटल के खिलाफ निवेश के नाम पर ठगे जाने की पहली शिकायत दर्ज करवाई। सलूजा ने बताया कि मुनाफा देने के नाम पर उससे 20.18 लाख की धोखाधड़ी की गई है। जिसके बाद एसटीएफ ने पूरे मामले को अपने हाथ में लेते हुए एसआइटी का गठन कर जांच शुरू कर दी। जिसमें हैरान कर देने वाले खुलासे हुए। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि इंडेंट बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बैंक खाते में साल 2023-24 के दौरान 7. 2 अरब रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया है। वहीं रेंटल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में साल 2023-24 में 15.80 अरब का ट्राजेक्शन मिला है। जिसके बाद जांच तेजी से आगे बढ़ाई गई। और अब तक 32 अरब(32 Billion Fraud) से ज्यादा के ठगी का खुलासा हो चुका है।
एसटीएफ की टीम ने जयपुर और राजस्थान में संचालित हो रही दोनों फर्मों की जानकारी निकाल ली है। एसटीएफ की दो टीमें दोनों फर्मों के डायरेक्टर सहित वहां काम करने वाले लोगों से पूछताछ करेंगी। बता दें एसटीएफ, ईडी और ईओडब्ल्यू का शिकंजा कसने के बाद से सभी फर्जी कंपनियों के डायरेक्टर फरार होने लगे हैं। इसीलिए एसटीएफ ने लविश सहित चार लोगों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया है।