भोपाल

पेपर देकर मां को किया वीडियो कॉल, पाकिस्तान से लौटी गीता इशारों में बोली – मां अपनी गरीबी जल्दी होगी दूर

मां अपनी गरीबी जल्द दूर होगी। मेरा पहला पेपर अच्छा गया है। संस्कृत का पेपर देकर खुश हो गई पाकिस्तान से लौटी गीता।

less than 1 minute read
May 22, 2024
पाकिस्तान से लौटी गीता ने भोपाल में दिया पेपर.

'मां अपनी गरीबी जल्द दूर होगी। मेरा पहला पेपर अच्छा गया है। 8वीं पास करके मैं नौकरी करूंगी।' गीता ने इशारों-इशारों में वीडियो कॉल पर यह बात अपनी मां से कही। गीता मंगलवार को राज्य ओपन बोर्ड की कक्षा आठवीं की परीक्षा में शामिल हुई। गीता नौ साल पहले पाकिस्तान से भारत आई थी।

पाकिस्तान से भारत लौटने के बाद गीता करीब पांच साल तक इंदौर में रही थीं। मप्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड ओपन बोर्ड द्वारा इस परीक्षा में 33 वर्षीय गीता भी शामिल हुई हैं। वह मूक बधिर परीक्षार्थी के रूप में शामिल हुई है। गीता को परीक्षा में दिव्यांग स्टूडेंट्स को मिलने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही है।

हिंदी मीडियम से परीक्षा देकर खुश हुई गीता

दोपहर 2 बजे संस्कृत का प्रश्न पत्र शुरू हुआ। मूक-बधिर बच्चों का केन्द्र संचालन करने वाले ज्ञानेन्द्र पुरोहित गीता के साथ आए हैं। गीता ने साइन लैंग्वेज में कहा कि संस्कृत के व्याकरण में कुछ परेशानी आई, लेकिन पेपर अच्छा गया है। गीता ने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी है। हिंदी माध्यम में लौट कर अच्छा लगा।

गरीबी से जूझ रहा गीता का परिवार

इंदौर की गैर सरकारी संस्था आनंद सर्विस सोसायटी ने कक्षा आठ की परीक्षा में गीता को बैठने में मदद कर रही है। गीता इन दिनों महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में अपनी मां मीना पांढरे के साथ रह रही हैं। उसके पिता बीमार रहते हैं। परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। गीता का परिवार गरीबी के दिन गुजार रहा है।

Updated on:
22 May 2024 09:07 am
Published on:
22 May 2024 09:02 am
Also Read
View All

अगली खबर