भोपाल

MP GIS 2025: हेल्थ सेक्टर में छोटे शहरों में भी बड़ी संभावनाएं, डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल से खास बातचीत

Global Investors Summit 2025: पत्रिका से खास बातचीत में डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने कहा आयुष्मान भारत योजना के बाद छोटे-मंझले शहरों में भी खुल रहे सुपर स्पेशलिटी, मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल..।

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Feb 24, 2025

MP GIS 2025: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में Global Investors Summit 2025 की शुरुआत हो चुकी है। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में देश-विदेश से मेहमान आए हुए हैं और पहले ही दिन नवकरणीय उर्जा और उर्जा क्षेत्र में 3.97 लाख करोड़ के निवेश के द्वार खुले। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के बीच मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल से पत्रिका ने खास बातचीत में बताया कि हेल्थ सेक्टर में मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं और सरकार हेल्थ सेक्टर में निवेशकों को तमाम तरह की सुविधाएं भी दे रही है।

देखें वीडियो-

डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल से खास बातचीत

पत्रिका से खास बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हेल्थ सेक्टर में जो जरूरी ईको सिस्टम है, चाहे वो मेंटल क्लास पार्क बनाना हो या और जो भी जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर है इंवेस्टमेंट के लिए वो मध्यप्रदेश में बनकर तैयार है। अभी ग्लोबल इंवेस्टर समिट के बाद जो सेक्टूरियल सेशन हुआ है फार्मा का हेल्थकेयर मेडिकल का डिवाइस का..क्योंकि हम जानते हैं आयुष्मान भारत योजना आने के बाद हमारे देश में अब गरीब से गरीब आदमी भी बड़े से बड़े अस्पताल में अपना इलाज करा सकता है और इन कैपिसिटी को देखते हुए अब थ्री टीयर और टू टीयर सिटी में भी सुपर स्पेशलिटी और मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल खुल रहे हैं।


32-40% सब्सिडी देने का फैसला- डिप्टी सीएम

डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य शासन ने नई पॉलिसी भी बनाई है। उसमें 32 से 40 परसेंट सब्सिडी देने का फैसला भी किया है जिससे प्राइवेट सेक्टर के लोग आकर यहां पर लैब लगाएं, कैंसर के अस्पताल बनाएं। डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर टू टीयर थ्री टीयर सिटी में भी सुपर स्पेशलिटी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल आता है तो उसे भी सब्सिडी देंगे जिससे वहां के लोगों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े और जब ये काम होगा तो मेडिकल डिवाइस इक्यूपमेंट बहुत लगेगें, दवाईयों की खपत बढ़ेगी तो इसके लिए ये जो सेशन हुआ था उसमें जो प्रोसपेक्टिव इंवेस्टर्स हैं उनके साथ जो बातचीत हुई है या चर्चा हुई है, उनकी जो जरुरते हैं उन्हें ध्यान में रखकर ऐसी पॉलिसी बनाएंगे जिससे ज्यादा से ज्यादा निवेश आए।


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