भोपाल

अब मोबाइल बनेगा मरीज का मददगार, एक क्लिक पर आप जान सकेंगे जरूरत का बेस्ट अस्पताल

एक तरफ जहां संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए स्वास्थ विभाग कई तरह के प्रयास कर रहा है। वहीं, अन्य बीमारियों को लेकर भी अब पहले से कई ज्यादा चौकन्ना हो गया है।

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अब मोबाइल बनेगा मरीज का मददगार, एक क्लिक पर आप जान सकेंगे जरूरत का बेस्ट अस्पताल

भोपाल/ मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस का असर बहुत तेजी से अपने पाव पसार रहा है। एक तरफ जहां संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए स्वास्थ विभाग कई तरह के प्रयास कर रहा है। वहीं, अन्य बीमारियों को लेकर भी अब पहले से कई ज्यादा चौकन्ना हो गया है। स्वास्थ व्यवस्थाओं को मज़बूत करने के लिए कई अलग अलग तरह के प्रयास किये जा रहे हैं। विभाग द्वारा ऐसी ही एक नई व्यवस्था आपके मोबाइल के लिए तैयार की जा रही है। जिसकी मदद से आपको अपने मोबाइल के सिर्फ एक क्लिक पर अपने मरीज़ की बीमारी से संबंधित सबसे बेस्ट अस्पताल की जानकारी मिल जाएगी।


व्यवस्था के मुख्य बिंदू

इस व्यवस्था की शुरुआत राजधानी भोपाल से की जाएगी। इसके लिए विभाग द्वारा शहर के सभी अस्पतालों की मैपिंग की जा रही है, ताकि लोगों को उनके घर के नज़दीक सबसे बेस्ट मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। यानी मोबाइल एप बताएगा कि, आपके घर के नज़दीक संबंधित बीमारी से जुड़ा बेस्ट अस्पताल कोनसा है। इस व्यवस्था की शुरुआत करने का उद्देश्य ये है कि, मरीज को सही समय पर सही इलाज मिले और इसके लिए उन्हें ज्यादा भटना न पड़े। अकसर देखने में आता है कि, अपने करीबी की बीमारी पर उसे अस्पताल लेकर हुंचते हैं। जहां आनन फानन में मरीज को भर्ती कर लिया जाता है। लेकिन, बाद में पता लगता है कि, अस्पताल में बीमारी से संबंधित पर्याप्त उपचार नहीं है, जिसके चलते मरीज के गैर जरूरी पैसे तो खर्च होते ही हैं, साथ ही उसे समय पर पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाता वो अलग। एप की मदद से आप पहले ही जा सकेंगे कि, जिस अस्पताल में आप जा रहे हैं, वहां उस बीमारी से संबंधित पर्याप्त उपचार है या नहीं।


विभाग जुटा रहा वर्किंग प्रोटोकाल का डाटा

विभाग का मानना है कि, इस तरह अस्पताल भी अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखेंगे। साथ ही, हर अस्पताल में दिये जाने वाले इलाज और व्यवस्थाओं की जानकारी स्वास्थ विभाग को भी मिलती रहेगी। एनएचएम के उप संचालक डॉ. पंकज शुक्ला के मुताबिक, विभाग के अधिकारी यूपीएचसी, सिविल डिस्पेंसरी और संजीवनी क्लीनिक का निरीक्षण कर रहे हैं। यहां के वर्किंग प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी बटोर रहे हैं। इस नई व्यवस्था के जरिए लोगों को नजदीकी फीवर क्लीनिक की जानकारी उनके मोबाइल पर ही उपलब्ध हो सकेगी।


स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर की जा रही व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग के अफसर कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशानुसार काम कर रहे हैं। अफसरों का ध्यान इस ओर भी है कि बारिश के मौसम में बीमारी किसी भी हाल में ज्यादा बढ़ने ना पाए। इसके लिए लोग शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सिविल डिस्पेंसरी और संजीवनी क्लीनिक में जाकर सामान्य उपचार, टीकाकरण परिवार कल्याण जैसी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।



ऐसे होगी मैपिंग

शहर के यूपीएचसी, सिविल डिस्पेंसरी और संजीवनी क्लीनिक में आने वाले मरीजों की समस्याओं का हल करने की विभाग काम कर रहा है। इन संस्थाओं में ये देखा जा रहा है कि यहां फीवर क्लीनिक के लिए जारी किए गए प्रोटोकॉल के अनुसार काम हो रहा है या नहीं। एनएचएम के उप संचालक डॉ. पंकज शुक्ला के मुताबिक, बारिश शुरू हो रही है, ऐसे में मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ेंगे। इस स्थिति में शहर के लोगों की पहली प्राथमिकता ये होगी की घर के नजदीक वाले अस्पतालों में इलाज मुहैया हो जाए ना की हर मामूली बीमारी के लिए सीधे बड़े सरकारी अस्पतालों की तरफ भागना पड़े। मरीजों की सुविधा के लिए विभाग चौकन्ना होकर तमाम व्यवस्थाएं करने में जुटा है।


गूगल पर की जा रही मैपिंग

भोपाल सहित प्रदेश भर में संचालित सरकारी अस्पतालों की ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम मैपिंग का काम पिछले साल मैप आईटी ने शुरू किया था, लेकिन कुछ कारणों के चलते कुछ दिनों पहले इसे बीच में रोकना पड़ा था। अब कोरोना संकटकाल में आम लोगों को घर के नजदीकी स्वास्थ्य संस्थाओं की जानकारी मोबाइल पर मिल सकेगी। विभाग गूगल के जरिए मैपिंग करने में लगा है। आगामी दिनों में इस व्यवस्था को प्रदेशभर में शुरु किया जाएगा।


शहर की आबादी में स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थिति

संजीवनी क्लीनिक - 9 सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक

Published on:
06 Jun 2020 12:15 pm