
MP Flood: मध्य प्रदेश में भारी बारिश का कहर जारी है। गांव के गांव बर्बाद हो रहे हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं। शहरों में भी हालात बदतर हैं। कई गांवों में लगातार भारी बारिश और बाढ़ के कहर से लोग दहशत में हैं और घरों से बाहर निकल आए हैं।
उधर जबलपुर के हरगी गांव में पिछले 48 घंटे से हो रही बारिश तबाही साथ लाई है। स्थिति ये हैं कि हालात से डरे-सहमे लोग लोग घरों को छोड़ बाहर आ गए हैं। पेड़ों के सहारे जिंदगी बचाने और बारिश का कहर थमने का इंतजार कर रहे हैं।
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उधर मुरैना जिले में भी भारी बारिश से हाहाकर मचा है। यहां बह रही क्वारी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। जिसका कहर ग्रामीणों पर टूट पड़ा है। यहां गांव के गांव डूब गए हैं। जंगली क्षेत्र में 3 दिन से लगातार हो रही बारिश से क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ गया। दोपहर में बागचीनी क्षेत्र से गुजरी क्वारी नदी के ऊपर बने रपटे के ऊपर पानी पहुंच गया। तकरीबन आधा से एक फीट तक पानी रपटा के ऊपर से बह रहा था। लोग जान जोखिम में डालकर रपटा पार कर रहे हैं।
एमपी के कटनी जिले में 50 से ज्यादा गांव डूब गए हैं। यहां 48 घंटे से हो रही बारिश ने हर तरफ तबाही का मंजर ला दिया है। ढीमरखेड़ा इलाके में कई गांव बर्बाद हो गए हैं। इंसान, मवैशी और किसानों की फसलें भी पानी का कहर झेल रही हैं। कई गांवों में बेघर हुए लोगों को पड़ोसियों का सहारा, छत पर रहकर जान बचा रहे लोग।
कटनी में बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यहां ढीमरखेड़ा तहसील के 25 से ज्यादा गांव टापू बन गए हैं। अचानक आए पानी से लोग घबराकर घरों से बाहर भागे। कोई छत पर चढ़ गया। तो किसी ने पेड़ का सहारा लिया। पीड़ितों ने बताया कि कैसे अचानक पानी आया और वे सामान भी समेट नहीं पाए।
भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। दमोह में जान जोखिम पर डालकर दो युवक नाले को पार करने की कोशिश कर रहे थे कि तेज बहाव में बह गए। हालांकि उन्हें रेस्क्यू टीम ने समय रहते बचा लिया।
उधर सागर में जेरई गांव में बाढ़ से हालात खराब हो चुके हैं। लोगों के घरों में पानी भर गया है। पानी के बीच रहने को मजबूर लोग।
एमपी के छतरपुर जिले के गांवों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग के मानसून अलर्ट (IMD Alert) के मुताबिक एमपी के छतरपुर जिले में पिछले दो दिन से धसान नदी के ऊपरी हिस्से में मूसलाधार बारिश हो रही है। वहीं बड़ामलहरा क्षेत्र में रुक रुक कर हो रही बारिश से धसान नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बान सुजारा बांध लबालब भर गया है। पानी की लगातार आवक होने से बांध प्रबंधन ने बांध के सभी 12 गेट बुधवार देर रात खोल दिए।
बांध से पानी छोड़ने के बाद देर रात 12 बजे से बन्धा टीकमगढ़ सड़क मार्ग पर धसान नदी का पुल पूरी तरह डूब गया है। वहीं नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालांकि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।