
जबलपुर में उफान पर नदियां, बाढ़ में फंस गए गांवों को लोग।
Heavy Rain: मध्यप्रदेश में लगातार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। जबलपुर में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गौरी नदी ऐसी उफनी कि कई गांवों में सैलाब ले आई। नदी के इस सैलाब से गांव टापू बन गए। कई घर बह गए तो कई क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं घुघरी गांव में 11 लोग बाढ़ में फंस गए। तो किसानों की फसलें डूब गईं। वहीं शहर की सड़कें तालाब बनी हुई हैं।
8 घंटे की मशक्कत के बाद बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। गांव के कुछ हिस्से में लोग अभी भी बाढ़ में फंसे हुए हैं।
खजरी खिरिया बायपास से लगे क्षेत्र में 500 एकड़ में लगी धान समेत अन्य फसल डूब गई। क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि क्षेत्र में बिल्डर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित कर रहे हैं। इससे खेतों से बरसात के पानी की निकासी नहीं हो सकी। खेतों में कई फीट तक पानी भर गया। इसकी शिकायत किसानों ने कलेक्टर दीपक सक्सेना से भी की है।
धनवंतरि नगर, डी.सेक्टर, भूकंप कालोनी, मढफ़ैया की सडक़ें तालाब में तब्दील हो गई हैं। क्षेत्र में लो लाइन एरिया में बिल्डरों की प्लॉटिंग का खामियाजा हजारों लोग भुगत रहे हैं।
लो लाइन एरिया का भराव किए बगैर ही यहां कालोनियां बसा दी गईं। उपयुक्त ड्रेनेज सिस्टम भी नहीं है। घरों में पानी भर रहा है। क्षेत्रीय पार्षद जीतू कटारे ने कहा कि वृहद स्तर पर कार्य योजना तैयार कर ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाना चाहिए।
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सिहोरा. लगातार हो रही बारिश से सिहोरा तहसील के आखिरी गांव के 50 घरों में पानी भर गया। ग्रामीणों की गृहस्थी का सामान डूब गया। अपनी जान बचाने उन्होंने पक्के घरों में शरण ली। हरदी से सटे कुकर्रा गांव के कुछ घरों में भी पानी भर गया।
हरदी गांव के घरों में पानी भरने की सूचना कु्ही सरपंच मोहन मिश्रा ने एसडीएम सिहोरा रूपेश सिंघई को दी। खबर मिलने ही एसडीएम, आरआई, पटवारी हरदी गांव पहुंचे। अमले ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
Updated on:
25 Jul 2024, 9:46 AM IST
Published on:
25 Jul 2024, 9:09 AM IST
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