भोपाल

MP कांग्रेस : सोशल मीडिया के जरिये ही सरकार बनाने का ख्वाब

भाजपा के तरह कांग्रेस नेताओं के ट्विटर एवं फेसबुक एकाउंट का संचालन भी भाड़े के लोग कर रहे हैं।

3 min read
Nov 21, 2017

भोपाल। मध्यप्रदेश में चुनावों के नजदीक आते ही कांग्रेस ने हर योजना पर प्रश्न खड़े करने शुरू कर दिए हैं। लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में 14 साल से सत्ता से बाहर रह रही कांग्रेस का कोई भी नेता भाजपा सरकार की घेराबंदी के लिए जनता के बीच आने को तैयार नहीं है।

ऐसे में वे सिर्फ सोशल मीडिया ट्वीटर, फेसबुक व ईमेल के जरिए ही सत्तारूढ़ भाजपा सरकार का कड़ा विरोध कर अगले साल विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने का सपना देख रहे हैं। भाजपा के तरह कांग्रेस नेताओं के ट्विटर एवं फेसबुक एकाउंट का संचालन भी किराए के लोग कर रहे हैं। हालांकि भाजपा सरकार में होकर भी किसी न किसी कार्यक्रम के माध्यम से नियमित रूप से जनता के बीच पहुंच रही है।

ये भी पढ़ें

शिवराज के बयान पर कमलनाथ ने उठाए सवाल

जानकारों का कहना है कि सत्तारूढ़ भाजपा ने अगले विधानसभा चुनाव की अघोषित तौर पर तैयारी शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेस भी आंदोलन कर या पत्र और ट्विटर के माध्यम से अपनी तैयारियों को जनता के सामने लाने की कोशिश कर रही है।

भाजपा की ओर से 10 नवंबर को चुनाव प्रबंधन कार्यालय का शुभारंभ भी हो चुका है। जिसमें अगले 6 महीने तक के कार्यक्रम तय कर दिए हैं। इसके तहत प्रदेश भर में भाजपा विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री एवं कार्यकर्ता जनता के बीच जाएंगे। मुख्यमंत्री ने हाल ही में विधायक दल की बैठक में विधायकों को विकास यात्रा निकालने का फरमान जारी किया है। इसके उलट कांग्रेस में संगठन स्तर पर अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कोई सुगबुगाहट नहीं हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को छोड़ दिया जाए तो कांग्रेस की ओर से सीएम कैंडिडेट की दावेदारी कर रहे सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया व वरिष्ठ कांग्रेसी कमलनाथ महीनों से पीसीसी नहीं पहुंचे हैं।

चूंकि दिग्विजय सिंह धार्मिक यात्रा निकाल रहे हैं, तो वे फिलहाल राजनीति से दूर दिख रहे हैं। इस साल जून से लेकर वर्तमान तक प्रदेश में किसान आंदोलन की स्थिति बनी हुई हैं। आरोप है कि किसानों को मंडियों में भाव नहीं मिल रहे हैं, मनरेगा में काम ठप हैं, नोटबंदी के बाद हजारों की संख्या में लघु उद्योग बंद होने से लाखों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।

ऐसे में किसानों के लिए जहां सरकार ने भावांतर योजना शुरू की है,वहीं कांग्रेस के नेता केवल पत्र लिखकर या ट्विट करके ही इस योजना पर सवाल पूछ रहे हैं। देश कांग्रेस के दिग्गज कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अजय सिंह, अरुण यादव, सुरेश पचौरी सभी सोशल मीडिया व मीडिया में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। इनमें से कमलनाथ और सिंधिया सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ सबसे ज्यादा सक्रिय हैं।

विपक्ष का कौन नेता कितना सक्रिय :

कमलनाथ: सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार का विरोध करने में सबसे आगे। पिछले साल हुए राज्यसभा चुनाव के बाद से आज तक पीसीसी नहीं पहुंचे। ट्विटर व प्रेसनोट जारी कर विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। पीसीसी अध्यक्ष या सीएम कैंडिडेट के प्रबल दावेदार।

ज्योतिरादित्य सिंधिया: फेसबुक, ट्विटर पर सक्रिय। भोपाल होकर गुना जाते हैं, लेकिन पीसीसी लंबे समय से नहीं आए। सीएम कैंडिडेट के प्रबल दावेदार। सोशल मीडिया में खुद की ब्रॉडिंग के लिए टीम सक्रिय।

अजय सिंह-अरुण यादव : पीसीसी अध्यक्ष होने के नाते यादव पीसीसी में मिलते हैं। जानकारों का मानना है कि बदलाव की संभावना के चलते ये ज्यादा रुचि नहीं ले रहे हैं। सड़क पर उतरने से ये भी परहेज करते हैं। इसी तरह नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सदन में सरकार की घेराबंदी की कोशिश करते हैं, लेकिन विधायकों का पूरा साथ नहीं मिलता है।

आज युवा मतदाता सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। हमारे नेता युवाओं से सीधे जुड़े हैं, उनसे संवाद भी करते हैं। जब जरूरत पड़ती है तब सड़क पर उतरकर भी आंदोलन करते हैं। हमारे नेता क्षेत्र में जनता से जुड़े हैं।

- केके मिश्रा , मुख्य प्रवक्ता मप्र कांग्रेस

भाजपा के मंत्री, मुख्यमंत्री एवं कार्यकर्ता जनता के बीच रहते हैं। इसलिए जनता अपने बीच के लोगोें को चुनती हैं। कांग्रेस के नेता दिल्ली में एसी में बैठकर सिर्फ ट्विटर करते हैं। इसलिए जनता कांग्रेस पर भरोसा नहीं करती।

- दीपक विजयवर्गीय, मुख्य प्रवक्ता मप्र भाजपा

ये भी पढ़ें

शशि थरूर से भिडी स्मृति ईरानी के समर्थन में आए सिंधिया, जानिये पूरा मामला…
Published on:
21 Nov 2017 05:45 pm
Also Read
View All