भोपाल

IDBI Bank के प्रस्तावित निजीकरण को लेकर भोपाल में प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कर्मचारी

IDBI Bank privatisation protest: IDBI बैंक के निजीकरण को लेकर देशभर में विरोध तेज हो गया है। भोपाल में दूसरे दिन भी बैंक अधिकारी-कर्मचारी सड़कों पर उतरे और रैली निकालकर निजीकरण के खिलाफ आवाज उठाई।
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Updated: 3 Nov 2026, 12:35 PM IST
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IDBI Bank privatisation protest: आइडीबीआइ बैंक के प्रस्तावित निजीकरण को लेकर भोपाल में हड़ताल (फोटो सोर्स- Patrika)

IDBI Bank privatisation: आइडीबीआइ बैंक (IDBI Bank) के निजीकरण के विरोध में बैंक अधिकारी और कर्मचारियों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का आज दूसरा दिन है। भोपाल में हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को बैंक कर्मचारी बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्रदर्शन इसके बाद रैली निकालकर चिनार पार्क पहुंचेंगे। यहां सभा का आयोजन किया जाएगा निजीकरण का विरोध किया जाएगा। बोर्ड ऑफ़िस चौराहे पर पार्क तक एक रैली निकाली जाएगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने इस हड़ताल का समर्थन किया है।

सभा को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और आइडीबीआइ बैंक की ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारी वीके शर्मा, दीपक रत्न शर्मा, अनिल परमार, विकास सिंह, नागेश पांचाल, अकांक्षा गुप्ता, गुणशेखरण, भगवान स्वरूप कुशवाहा आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक धन और एलआइसी के निवेश से पुनर्जीवित आइडीबीआइ बैंक का निजीकरण जनहित में नहीं है।

चिनार पार्क में सभा का आयोजन

IDBI Bank के कर्मचारियों द्वारा बोर्ड ऑफिस चौरहे से चिनार पार्क तक रैली निकाली गई। चिनार पार्क में आम सभा का आयोजन किया जाएगा जिसमे प्रतावित निजीकरण का विरोध किया जाएगा। बता दें कि, आज कर्मचारियों की हड़ताल का अंतिम दिन है।

IDBI बैंक के निजीकरण से जुड़ी मुख्य बातें

  • इस सौदे के तहत केंद्र सरकार अपनी 30.48% और LIC अपनी 30.24% हिस्सेदारी (कुल 60.72%) फेयरफैक्स को सौंपेगी।
  • इस लेन-देन के बाद भी LIC के पास 19% और सरकार के पास 15% की हिस्सेदारी बनी रहेगी।
  • फेयरफैक्स की ओर से यह अधिग्रहण ₹81 प्रति शेयर के हिसाब से तय किया गया है।
  • समझौते के अनुसार, अगले 3 वर्षों तक बैंक का नाम नहीं बदला जाएगा, और फेयरफैक्स ने मौजूदा कर्मचारियों की नौकरी व सेवाओं को सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया है।
  • इस रणनीतिक लेन-देन को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अंतिम नियामक मंजूरी मिलना अभी बाकी है, जिसे चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।

राहुल गांधी ने भी उठाए थे सवाल

बता दें कि, IDBI Bank के प्रस्तावित निजीकरण को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर एक पत्र साझा किया था। उन्होंने प्रस्तवित निजीकरण को लेकर केंद्र सरकार को घेरा था और बैंक अधिकारी-कर्मचारियों का समर्थन किया था। उन्होंने पत्र की प्रति को साझा कर लिखा था- कांग्रेस के समय में IDBI बना। देश का उद्योग खड़ा करने के लिए। मैं IDBI बैंक के कर्मचारियों के साथ खड़ा हूँ।

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3 Nov 2026, 12:35 PM IST
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