भास्कर समूह के व्यावसायिक ठिकानों पर छठे दिन भी जांच। प्राथमिक जांच में 80 करोड़ की गड़बड़ी, पांच पेटियों में मिले दस्तावेज।
भोपाल. भास्कर समूह के व्यावसायिक ठिकानों पर चल रही आयकर विभाग की जांच छठे भी दिन भी जारी रही। अब तक की जांच में विभाग को मिले दस्तावेज से बड़े पैमाने पर कर (TAX) चोरी उजागर होने की बात सामने आई है। मंगलवार को समूह के डायरेक्टरों के बयान दर्ज किए गए।
देर रात तक प्रबंध निदेशक के घर कार्रवाई पूरी कर ली गई। बयानों में डायरेक्टरों से उनके यहां मिले दस्तावेज के संबंध में पूछताछ की गई है। विभाग के उच्च अधिकारियों ने शाम 5 बजे केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को छापे की कार्रवाई की सफलता के संबंध में जानकारी दी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग उन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) के भी बयान लेगा, जो अलग-अलग शहारों में समूह का काम देख रहे हैं। विभाग को उम्मीद है कि सीए के बयान, भास्कर समूह के मालिकों और प्रमोटरों के बयानों के मिलान के ' बाद ही असल टैक्स चोरी पकड़ में आ सकेगी।
प्राथमिक जांच में 80 करोड़ की गड़बड़ी
भास्कर समूह के जांजगीर-चांपा स्थित डभरा और रायगढ़ में जांच के बाद दोनों ही जगहों से पांच पेटियों में दस्तावेज मिले हैं, जिनमें कम्प्यूटर, लेन-देन के कागज, स्टॉक और निवेश के पेपर जब्त -कर आयकर की टीम निकली है। बताया जाता है कि प्राथमिक जांच : में करीब 80 करोड़ की गड़बड़ी सामने आई है। इसका उल्लेख भी कागजों में मिला है।
550 पन्नों में ब्लैकमनी हस्तांतरित करने की जानकारी आ रही है। सूत्रों का कहना है कि इसके संबंध में आयकर विभाग के अधिकारी जांजगीर-चांपा और रायगढ़ में भास्कर समूह में कार्यरत कर्मचारियों को पूछताछ कर बयान देने जल्द ही बुलाएगी। आयकर विभाग का कहना है कि बिलासपुर आयकर विभाग के अधिकारियों को कुछ इनपुट दिए गए हैं. जिसकी जानकारी उन्हें जुटाने कहा गया है।
लेन-देन की कच्ची पर्चियां जब्त
भास्कर समूह के जयपुर कार्यालय पर चल रही कार्वाई अब खत्म हो जप है और आइटी अधिकारियों की टीम जरूरी दस्तावेज लेकर मंगलवार देर रात मुंबई रवाना हो गई। सर्च के दौरान रियल एस्टेट, पॉवर, सर्कुलेशन और चुनाव के समय हुए लेनदेन की कच्ची पर्चियों से संबंधित कागजात जब्त किए हैं।
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ईडी ने मांगी जानकारी
छापे में विदेशों से जुड़े निवेश के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी सक्रिय हो गया है। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग ने ईडी के अधिकारियों को कुछ जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। इसके आधार पर ईडी भी अपने स्तर पर जांच पड़ताल और विदेशों से जानकारी हासिल करना शुरू कर दिया है। इस समूह के डीबी पावर में विदेशी पैसे का निवेश होना बताया गया है।
छापे के बाद डीजीआइटी का प्रभार बदला
भास्कर समूह में छापे के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने एमपी-सीजी के डायरेक्टर जनरल ऑफ इनकम टैक्स (DGIT) इन्वेस्टिगेशन का प्रभार बदल दिया है। सीबीडीटी ने दिल्ली के डीजीआइटी एचबीएस गिल को एमपी-सीजी का प्रभार दिया है। अभी तक बिहार (पटना) के डीजीआइटी परनीत सचदेवा के पास यह प्रभार था। गिल ने मंगलवार को प्रभार ले लिया। भास्कर ग्रुप में छापे की कार्रवाई को सीधे तौर पर दिल्ली और मुंबई के डीजीआइटी देख रहे थे। छापे की मॉनीटरिंग भी डीजीआइटी गिल कर रहे थे। भास्कर समूह के कई कंपनियों का कॉरपोरेट ऑफिस मध्यप्रदेश में हैं। यहां इस समूह के सभी डायरेक्टर रहते हैं।
इनवेस्टरों की सूची
छापे के दौरान इस ग्रुप में निवेश करने वालों पर आयकर विभाग की नजर है। निवेशकों की एक सूची भी तैयार की गई है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी। सबसे ज्यादा निवेशक रियल स्टेट और ज्वैलरी कारोबार से जुड़े हुए हैं। बताया जाता है कि भास्कर समूह में निवेश करने की जानकारी इन बिल्डरों और ज्वैलरी कारोबारियों ने अपने गरुप के रिटर्न में नहीं बताया था। सात राज्यों में छापे- आईटी इन्वेस्टिगेशन विंग की ये छापेमारी सात राज्यों में एक साथ की जा रही है। इनमें मध्यप्रदेश के अलावा दिल्ली, यूपी, गुजरात, छत्तीसगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई शहर शामिल हैं। कार्रवाई कुछ दिन और जारी रह सकती है। अब तक करीब 700 करोड़ रुपए की आय पर कर चोरी और 2200 करोड़ रुपए के फर्जी लेनदेन पकड़े गए हैं।