
Meenakshi Natarajan - राज्यसभा चुनावों को देखते हुए भोपाल में राजनैतिक हलचल तेज हो गई है। दोनों दलों, बीजेपी और कांग्रेस ने अपने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। सत्ताधारी दल में जहां दोनों उम्मीदवारों तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल के आज नामांकन की तैयारी चल रही है वहीं कांग्रेस में बेचैनी नजर आ रही है। पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को अपना राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। इसको लेकर कांग्रेस में मतभेद स्पष्ट नजर आ रहा हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, वर्तमान राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने नटराजन को बधाई देते हुए समर्थन जताया तो पूर्व सीएम कमलनाथ की कोई प्रतिक्रिया शुक्रवार रात तक सामने नहीं आई है। वहीं भोपाल में हुजूर विधानसभा से दो बार कांग्रेस प्रत्याशी रहे नरेश ज्ञानचंदानी ने चयन पर सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाए हैं। कांग्रेस में अंदरूनी कलह को देखते हुए एमपी में क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ गया है। प्रत्याशी चयन पर मतभेदों को देखते हुए आज होने वाली कांग्रेस विधायकों की बैठक अहम साबित हो सकती है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने खुद ही राज्यसभा में नहीं जाने की बात कही थी। हालांकि उनके समर्थक नहीं मान रहे। भोपाल के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने स्पष्ट कहा है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार के चयन में पार्टी से बड़ी चूक हुई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर सार्वजनिक रूप से लिखा कि चयन में सावधानी बरतनी थी क्योंकि क्रॉस वोटिंग की आशंका बनी हुई है।
बता दें कि कांग्रेस में दिग्विजय सिंह के स्थान पर राज्यसभा सीट के लिए दिल्ली में कई वरिष्ठ नेताओं ने दावेदारी जताई थी। इनमें कमलनाथ भी शामिल थे।
कांग्रेस विधायक दल की शनिवार को पीसीसी में बैठक बुलाई गई है। इसमें प्रदेश प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी में मीनाक्षी नटराजन का समर्थन किया जाएगा। इसके बाद 8 जून को नामांकन दाखिल करने की तैयारी है। वहीं क्रॉस वोटिंग पर भी बैठक में अहम रणनीति बन सकती है।
राज्यसभा के लिए मध्यप्रदेश की तीन सीटों पर चुनाव होने हैं। इसके लिए 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। फिलहाल दो सीटें बीजेपी के पास हैं जबकि एक सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। सत्ताधारी बीजेपी के केंद्र में राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी अभी राज्यसभा सांसद हैं। वहीं, कांग्रेस के दिग्विजय सिंह सांसद हैं। वे इस बार चुनाव लड़ने से इंकार कर चुके हैं जबकि बीजेपी ने भी अपने दोनों वर्तमान राज्यसभा सांसदों को उम्मीदवार नहीं बनाया है।