
shyamla hills case : भोपाल के श्यामला हिल्स किशोर हत्याकांड में पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। बुधवारा निवासी बीबीए के छात्र मुख्य आरोपी जोहेब और आमिर ने विदेश में मानव अंग बेचकर करोड़पति बनने की चाहत में किशोर की हत्या करने के केस में कई राज खोले। आरोपियों ने बताया, वारदात से पहले 15 दिनों तक ऐसे नाबालिग की तलाश की गई, जो गरीब परिवार से हो और जिसका कोई मजबूत सहारा न हो। इसके बाद शहर में नाबालिग की तलाश शुरू की थी। खास बात यह है कि मृत किशोर अपने परिवार का पेट पालने के लिए दिनभर मेहनत करता था। कॉपी पेन बेचकर कमाई कर मां को दे देता था।
आरोपियों ने बताया कि 5 अगस्त को इकबाल मैदान के पास मृतक किशोर उनके संपर्क में आया। आरोपियों ने रुपए कमाने का लालच देकर उससे दोस्ती की, फिर अगले दिन 6 अगस्त को साथ ले गए। इस दौरान आमिर के साथ तीन विधि- विरुद्ध बालक भी थे। फिर हत्या के बाद आरोपियों ने किशोर के शरीर से अंग निकालने की कोशिश की, लेकिन तीन बार नाकाम रहे।
पुलिस को किशोर के शरीर पर कमर के दोनों तरफ कट के निशान मिले हैं। इससे शरीर के अंदरूनी अंगों को निकालने की कोशिश की आशंका है। हालांकि लीवर, किडनी या अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा है या नहीं, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
आरोपी आमिर ने जोहेब से संपर्क किया। जोहेब ने वीडियो कॉल के जरिए उसे तरीका बताया। इसके बाद आमिर ने एक अंग निकालने की कोशिश की, लेकिन नहीं निकला तो वॉट्सऐप पर वीडियो भेजा था। पार्ट के साथ नसें भी निकाल ली थीं।
मृत किशोर अपनी बुजुर्ग मां का इकलौता सहारा था। उसकी कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था। किशोर दिनभर कॉपी पेन बेचता था। अपनी मेहनत की कमाई मां को दे देता था। किशोर की मौत के बाद से ही मां का रो रोकर बुरा हाल हो चुका है। अपने इकलौते बेटे को याद कर वह बार बार बिलख उठती है। एसीपी ने बताया कि मंगलवार को पुलिस टीम ने परिवार के गुजारे के लिए उनके घर राशन भी पहुंचाया।
एसीपी संतोष पटेल ने बताया, कोर्ट के आदेश के अनुसार पुलिस तीनों विधि-विरुद्ध बालकों को साथ लेकर छोटे और बड़े तालाब में पार्ट की तलाश करेगी। आरोपियों के मोबाइल फोन और चेट भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस इस मामले में अंगों की तस्करी समेत सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है।