4 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भोपाल में मरीजों को राहत, आयुष अस्पतालों में ‘इंटीग्रेटेड मेडिसिन’ से होगा मरीजों का इलाज

Ayush Department: आयुष अस्पतालों में इंटीग्रेटेड मेडिसिन के तहत इलाज और जांच की सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी है। आधुनिक उपकरण, विशेषज्ञ सेवाओं और वेलनेस सेंटरों के जरिए मरीजों को एक ही जगह बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की योजना है।
2 min read
Google source verification
अस्पतालों में बढ़ेंगी जांच की सुविधाएं, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

अस्पतालों में बढ़ेंगी जांच की सुविधाएं, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

Bhopal news: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में अब इलाज के लिए मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगे। आयुष विभाग आयुर्वेद और होम्योपैथी अस्पतालों में मरीज की जरूरत के मुताबिक उपचार और जांच की सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत इंटीग्रेटेड मेडिसिन की व्यवस्था विकसित करने की योजना है। विभाग के अनुसार मरीज की जरूरत के मुताबिक इलाज और जांच की सुविधाओं को समन्वित कर उपचार के अधिक विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। जिससे मरीजों बिना किसी तकलीफ के इलाज मिल सकेगा।

सर्जरी की सुविधाएं बढ़ाने की योजना

विभाग का कहना है कि आयुष अस्पतालों में सर्जरी से जुड़े विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। आधुनिक उपकरण और जरूरी संसाधन मिलने के बाद सर्जरी से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है। हालांकि, हर अस्पताल में कौन-सी सर्जरी की सुविधा होगी, यह वहां उपलब्ध विशेषज्ञता, उपकरण और अन्य संसाधनों के आधार पर तय किया जाएगा। हर जिले में वेलनेस सेंटर विकसित करने की योजना है। विभाग के अनुसार इन केंद्रों के जरिए इंटीग्रेटेड मेडिसिन की प्रस्तावित व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही मरीजों को उनकी बीमारी और जरूरत के अनुसार विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों का लाभ देने की कोशिश होगी। अस्पतालों में जांच सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि मरीजों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर होने की जरूरत कम पड़े। संसाधन बढ़ने के साथ विशेषज्ञ सेवाओं का दायरा भी बढ़ाने की तैयारी है।

विशेषज्ञ हैं, संसाधन बढ़ेगे

आयुष विभाग के अनुसार अस्पतालों में गायनी, आंख, यूरोलॉजी, किडनी, रेडियोलॉजी, हड्डी और बच्चों के उपचार से जुड़े विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। अस्पतालों में बिस्तर और जरूरी ढांचा भी है। अब आधुनिक उपकरण और अन्य संसाधन बढ़ाने की तैयारी है।

सम्पूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की कोशिश

उमा माहेश्वरी, कमिश्नर, आयुष विभाग ने कहा कि वेलनेस सेंटर खोलने पर तेजी से काम चल रहा है। इंटीग्रेटेड मेडिसिन के तहत मरीजों को समुचित इलाज देने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इस जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।