MP power safe news- इलेक्ट्रिकल आइलैंडिंग सिस्टम कर रहे विकसित, पॉवर ग्रिड से संपर्क कटते ही शहर खुद का पॉवर स्टेशन बना लेगा
MP Power News- मध्यप्रदेश में बिजली के क्षेत्र में नित नए प्रयोग हो रहे हैं। दो दशक पहले राज्य बिजली की कमी से जूझ रहा था, पॉवर कट आम बात थी। अब प्रदेश बिजली उत्पादन में सरप्लस है और दूसरे राज्यों को पॉवर सप्लाई कर रहा है। इस मामले में प्रदेश में एक और बड़ा काम चल रहा है। राज्य के प्रमुख शहरों को पॉवर सेफ बनाने की पहल की जा रही है यानि यहां बिजली आपूर्ति कभी बाधित नहीं होगी। इसके अंतर्गत इलेक्ट्रिकल आइलैंडिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है जिसमें पॉवर ग्रिड से संपर्क कटते ही शहर खुद का पॉवर स्टेशन बना लेगा। युद्ध या भूकंप जैसी स्थिति में भी बिजली सप्लाई सुनिश्चित रहेगी। बड़े रक्षा कारखाने और सेना से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों के कारण जबलपुर से इस सिस्टम की शुरुआत की जा रही है।
सरकार का मानना है कि युद्ध या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में भी प्रमुख शहर पूरी तरह अंधेरे में नहीं डूबना चाहिए। विशेष रूप से रक्षा संस्थानों में हर हाल में बिजली सप्लाई जरूरी है। इसी सोच के तहत रक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण संस्थानों, आर्मी प्रोडक्शन यूनिट्स, गोला-बारूद निर्माण इकाइयों के कारण जबलपुर में इलेक्ट्रिकल आइलैंडिंग प्रोजेक्ट मंजूर किया गया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसे गति दी गई।
इलेक्ट्रिकल आइलैंडिंग सिस्टम में बिजली सप्लाई व्यवस्था के एक हिस्से को जानबूझकर मुख्य ग्रिड से अलग कर दिया जाता है। राष्ट्रीय या क्षेत्रीय ग्रिड में सप्लाई बाधित होते ही यह हिस्सा खुद ब खुद आइलैंड मोड में चला जाता है। ऐसी स्थिति में लोकल स्तर पर प्राप्त बिजली मिलती रहती है। स्थानीय उत्पादन या स्रोतों से बिजली लेकर शहर की अत्यंत जरूरी सेवाओं को जारी रखा जा सकता है। बिजली ग्रिडों पर किसी भी तरह के साइबर अटैक, युद्ध, भूकंप जैसी आपदा में भी बिजली आपूर्ति की जा सकेगी।
एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक सुनील तिवारी के अनुसार जबलपुर में इलेक्ट्रिकल आइलैंडिंग प्रोजेक्ट का
काम तेजी से चल रहा है। करीब 4 माह में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। इलेक्ट्रिकल आइलैंडिंग सिस्टम शुरु होने के बाद युद्ध, साइबर अटैक जैसी आपात स्थिति या भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा में भी शहर की बिजली सप्लाई प्रभावित नहीं होगी।