
भोपाल. कर्नाटक का नाटक ( karnataka crisis ) अभी खत्म नहीं हुआ है। कांग्रेस और जेडीएस के कुल पंद्रह विधायक अब तक बागी हो गए हैं। ऐसे में सरकार ( karnataka crisis updates ) पर संकट बरकरार है। 16 मई को इस पर फैसला होने है। ऐसे में कांग्रेस ( Congress ) पार्टी ने तमाम दिग्गज नेताओं को सरकार बचाने के लिए लगा दिया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ( Madhya Pradesh CM Kamal Nath ) को पार्टी ने कर्नाटक के मसले को सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा बागी विधायकों का इस्तीफा अभी तक मंजूर नहीं किया है। ऐसे में बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले कुल विधायकों की संख्या पंद्रह हो गया है। ऐसे में बागी विधायकों को मनाने के लिए कांग्रेस के दिग्गज नेता भी लगे हुए हैं। इसके साथ ही कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की बात कही है।
कमलनाथ को मिली जिम्मेदारी
कर्नाटक के संकट को खत्म करने के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को पार्टी ने जिम्मेदारी सौंपी है । कहा जा रहा है कि कमलनाथ पार्टी के बागी विधायकों से बात करने की कोशिश करेंगे। साथ ही पहले से वहां मौजूद कांग्रेस के दिग्गज नेताओं से बात कर नए फॉर्मूले की तलाश करेंगे। क्योंकि एमपी सीएम कमलनाथ के कांग्रेस के पुराने नेताओं से संबंध अच्छे हैं। साथ ही गांधी परिवार के करीबी लोगों में से एक हैं।
17 जुलाई को बैठक
उधर कमलनाथ ने 17 जुलाई को कांग्रेस विधायक दल की भोपाल में बैठक बुलाई है। इस बैठक में उन्होंने पार्टी के सभी विधायकों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। विधायक दल की बैठक से पहले भोपाल में डिनर डिप्लोमसी भी हुआ था। जिसमें कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे थे। इस भोज के बहाने कमलनाथ और सिंधिया ने बंद कमरे में बात भी की थी।
पार्टी के लिए संकटमोचक हैं कमलनाथ
मध्यप्रदेश सीएम कमलनाथ को पार्टी कई मौकों पर बड़ी जिम्मेवारी देती रही है। माना जाता है कि कमलनाथ कांग्रेस के लिए संकटमोचक हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस को जब लग रहा था कि बीजेपी सत्ता में वापसी नहीं कर रही है तो सोनिया गांधी ने कमलनाथ को विपक्षी दल के बड़े नेताओं से बात करने की जिम्मेवारी सौंपी थी। हालांकि कांग्रेस को बहुमत नहीं मिली। ऐसे में पार्टी को कर्नाटक संकट के बाहर निकालने की जिम्मेवारी भी कमलनाथ को दी गई है।