pran pratishtha: काशी के विद्वानों के सानिध्य में पांच दिवसीय हनुमंत महोत्सव का समापन; शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब।
pran pratishtha: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के खजुरी कला क्षेत्र स्थित विजय लक्ष्य होम्स परिसर में धर्म और आस्था की अविरल धारा प्रवाहित हुई। 'तत्कालेश्वर मंदिर' में हनुमान प्रकटोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित पांच दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का विधि-विधान और पूर्ण श्रद्धा के साथ समापन हुआ। इस गरिमामय अनुष्ठान के माध्यम से नवनिर्मित मंदिर में 'अंजनी सुत हनुमान' की दिव्य प्रतिमा प्रतिष्ठित की गई। इस पावन अवसर के साक्षी बनने के लिए खजुरी कला सहित आसपास की कॉलोनियों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा परिसर 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के जयकारों से गूंज उठा।
आयोजन कर्ता पंडित रघुनंदन भार्गव ने बताया कि यह पांच दिवसीय अनुष्ठान विशिष्ट रहा, क्योंकि इसे पूर्णतः काशी (बनारस) की वैदिक पद्धति द्वारा संपन्न किया गया। काशी के मुख्य यज्ञाचार्य पंडित अवनीश दुबे एवं उनके सहयोगी विद्वान पंडितों की टोली ने शास्त्रों में वर्णित सूक्ष्म क्रियाओं का संपादन किया। अनुष्ठान के विभिन्न चरणों में मूर्ति का जलाधिवास (जल में वास), अन्नाधिवास (अन्न में वास) और घृताधिवास जैसी महत्वपूर्ण रस्में निभाई गईं। वैदिक मंत्रोच्चार, वेदी पूजन और हवन कुंडों से निकलती आहुतियों की सुगंध ने समूचे वातावरण को आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धालुओं के अनुसार, काशी के विद्वानों द्वारा किए गए इस अनुष्ठान ने क्षेत्र में साक्षात लघु काशी का दृश्य निर्मित कर दिया था।
प्राण-प्रतिष्ठा के पूर्व भगवान की एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों, ढोल-धमाकों और केसरिया ध्वजों के साथ निकली इस यात्रा में श्रद्धालु झूमते-नाचते नजर आए। क्षेत्र के रहवासियों ने अपने घरों के बाहर खड़े होकर भगवान अंजनी सुत की अगवानी की और पुष्प वर्षा कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस शोभायात्रा ने स्थानीय निवासियों के बीच एकता और धार्मिक उल्लास का संचार किया।
महोत्सव के अंतिम दिन महायज्ञ की पूर्णाहूति दी गई। इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। पंडित भार्गव ने कहा कि "ऐसे आयोजनों का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना जगाना और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना है। अब स्थानीय रहवासियों को बजरंगबली की आराधना के लिए एक जागृत केंद्र प्राप्त हो गया है।
इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में विजय लक्ष्य होम्स के निवासियों, मंदिर समिति के सदस्यों और युवा कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। आयोजन समिति ने समापन पर सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अब मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना और विशेष आरती का क्रम प्रारंभ हो गया है।