भोपाल

आर्थिक मोर्चे पर एमपी की लंबी छलांग, महाराष्ट्र-गुजरात को पीछे छोड़ा, 1.79% रफ्तार से बढ़े करदाता

MP Taxpayers : एमपी में 18337 लोगों की कमाई 1 करोड़ और 1693 की कमाई 5 करोड़ के पार निकली। इस साल रेकॉर्ड 37.74 लाख आइटीआर दाखिल हुए।
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MP Taxpayers
MP Taxpayers (एमपी में 1.79% रफ्तार से बढ़े करदाता Photo Source- Patrika)

MP News :मध्य प्रदेश ने आयकर रिटर्न यानी आइटीआर फाइल करने के मामले में इस बार महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे औद्योगिक राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। 2025-26 में आइटीआर के आंकड़े बताते हैं कि, प्रदेश में लखपतियों के साथ - साथ करोड़पतियों की संख्या भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज हुई है। महाराष्ट्र में टैक्स रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में 0.06 फीसद की गिरावट आई है। तमिलनाडू 0.67 फीसद की मंदी झेल रहा है। इसी बीच मध्य प्रदेश ने 1.79 फीसद की शानदार बढ़ोतरी दर दर्ज की है। इस साल रिकॉर्ड 37.74 लाख आयकर रिटर्न दाखिल किए गए हैं। ये बीते साल के 37 लाख से ज्यादा हैं।

आपको जानकर खुशी होगी कि, देश में दाखिल हुए कुल 9.19 करोड़ रिटर्न में अकेले मध्य प्रदेश से करीब 4.10 फीसद की हिस्सेदारी है। एमपी की ये बढ़ोतरी दर यूपी (0.37%), कर्नाटक (0.23%), हरियाणा (0.21%) और लगभग स्थिर पड़े गुजरात के मुकाबले कहीं ज्यादा है। श्रेणी - वार आंकड़ों को देखें तो देश में इस बार 50 लाख से 10 करोड़ रुपए तक की आय घोषित करने वाले करदाताओं का ग्राफ चढ़ा है। 9 लाख लोगों ने 50 लाख से 1 करोड़ रुपए की ब्रैकेट में रिटर्न भरे हैं। मध्य प्रदेश में इस श्रेणी में 34,859 लोग शामिल हैं।

महानगरों की कतार में

MP Taxpayers (एमपी में 1.79% रफ्तार से बढ़े करदाता Photo Source- Patrika)

अब तक माना जाता था कि एक करोड़ या पांच करोड़ से ज्यादा की आय मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु या हैदराबाद जैसे महानगरों में ही संभव है। मध्यप्रदेश के 18,337 करदाताओं ने 1 से 5 करोड़ रुपए की श्रेणी में और 1,693 करदाताओं ने 5 से 10 करोड़ रुपए की श्रेणी में आकर ये मिथक दूर कर दिया है। ये संकेत है कि, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहर बड़े कमर्शियल हब बन चुके हैं।

एक्सपर्ट व्यू: बदलते एमपी का नया विजन

इस संबंध में सीए सुरभि जैन का कहना है कि, एमपी को हासिल हुई इस सफलता के पीछे ठोस नीतियां हैं। बीते कुछ साल में राज्य में व्यापार सुगमता, सिंगल विंडो सिस्टम और स्टार्टअप संस्कृति को पंख मिले हैं। रियल एस्टेट में आया उछाल, हेल्थकेयर और शिक्षा क्षेत्र का कॉर्पोरेटाइजेशन, आइटी सेक्टर का पैर पसारना और विनिर्माण इकाइयों का सुदूर इलाकों तक पहुंचना इस समृद्धि की मुख्य वजह है।

नोट: राउंड - ऑफ आंकड़ों के अनुसार भी एमपी में 50 लाख और 1 करोड़ की श्रेणी में 35 हजार, 1से 5 करोड़ की श्रेणी में 18 हजार और 5 से 10 करोड़ में लगभग 2 हजार करदाता दर्ज हैं।

Published on:
25 Jun 2026 10:30 am