पटवारियों की पात्रता परीक्षा के बाद उन्हें दी जाने वाली ट्रेनिंग कोर्स में भी बदलाव किया जा रहा है!
भोपाल। 'सावधान पटवारी परीक्षा रद्द हो गई है, जिसके चलते लाखों छात्रों जिन्होंने इसके फार्म भरने के साथ ही मेहनत भी की थी उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है।' सोशल मीडिया के कई ग्रुपों में इस तरह के मैसेज पिछले कुछ दिनों से चल रहे हैं। इतना ही नहीं पटवारी को लेकर कई तरह के वीडियो भी सोशल मीडिया पर इन दिनों चल रहे हैं।यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि असल में हुआ क्या है?
लगातार आ रहे इन मैसेजों के बाद पत्रिका ने जब इस मामले की पड़ताल की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इसमें यह भी सामने आया कि परीक्षार्थियों को इन मैसेजेस की ओर ध्यान देने की बजाय अपनी परीक्षा की तैयारियों की ओर मन लगाना चाहिए। दरअसल परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी परीक्षार्थियों को इस तरह के मैसेजों से सावधान रहने की जरूरत है, जिससे उनका पढ़ाई से ध्यान न भटके और उनकी तैयारियां कमजोर न पढ़ें। जानिये ये है पूरा मामला...
यहां हम आपको बता दें कि पटवारी परीक्षा रद्द नहीं हुई है, बल्कि केवल इसकी एग्जाम डेट को ही आगे बढ़ाया गया है।
सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश में होने वाली 9500 पटवारियों की भर्ती परीक्षा करीब छह महीने टल गई है। इस संबंध में कहा जा रहा है कि राजस्व विभाग पटवारी भर्ती नियमों में संशोधन कर रहा है।
वहीं, पटवारियों की पात्रता परीक्षा के बाद उन्हें दी जाने वाली ट्रेनिंग कोर्स में भी बदलाव किया जा रहा है। इसके पीछे का कारण ट्रेनिंग मॉड्यूल के पुराने होने का माना जा रहा है, अत: अब इसमें नई टेक्नोलॉजी को भी जोड़ा जाएगा। साथ ही अब पटवारियों को स्टेट कैडर दिया जाएगा, ताकि प्रदेश में कहीं भी उनका तबादला हो सके। ऐसे में अब कहा जा रहा है कि इन नियमों को बदलने के बाद भर्ती परीक्षा आयोजित हो सकेगी। इसी जानकारी के बूते पर सोशल मीडिया में पटवारी परीक्षा रद्द होने का बवाल मचा हुआ है।
माना जा रहा है कि पटवारियों को स्टेट कैडर देने के नियम का मसौदा तो तैयार है, लेकिन ट्रेनिंग मॉड्यूल बदलने में कुछ समय लग सकता है। इसके बाद विभाग प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) को भर्ती परीक्षा आयोजित करने के लिए लिखेगा। बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए तीन से चार महीने की मांग करता दिख रहा है।
वहीं विभाग के कुछ अधिकारियों का भी मानना है कि अभी नियम संशोधन में एक से डेढ़ महीने लग सकता है। भर्ती के बाद सरकार के पास सिर्फ दो हजार पटवारियों को ट्रेनिंग देने की व्यवस्था है। इस कमी को दूर करने के लिए सरकार अब इंजीनियरिंग कॉलेज सालभर के लिए किराए पर ले कर ट्रेनिंग दे सकती है।
पहले ये बताई जा रही थी परीक्षा की तिथि:
पूर्व में पटवारी परीक्षा की 9 नवंबर से 31 दिसंबर के बीच होनी बताई जा रही थी। जिसमें 9 हजार से ज्यादा पदों के लिए भर्ती होनी थी, लेकिन अब यह तारीख आगे बढ़ने के बातें सामने आ रहीं हैं।
ये लगाए जा रहे हैं आरोप:
वहीं अब इन परीक्षाओं के 2018 में होनेे की बात सामने आने पर कई स्वर सरकार के विरोध में शुरू हो गए हैं। कई लोगों का मानना है कि परीक्षा को आगे बढ़ाया जाना एक सोची समझी रणनीति है, चुंकि मध्यप्रदेश में चुनाव होने हैं। ऐसे में परीक्षा की तिथि आगे बढ़ा कर इसका रिजल्ट चुनाव के आसपास लाया जाएगा। जिसका किसी एक राजनैतिक पक्ष को सीधा लाभ मिलने की बातें भी सामने कही जा रही हैं।
ये आए हैं नए नियम:
इस बार प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पूर्व का व्यापम) के नए नियम के तहत पटवारी बनने के इच्छुक उम्मीदवारों को आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया। साथ ही उम्मीदवारों को मोबाइल नंबर भी देना था जो आधार से लिंक हो।