
Bhopal News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मालीखेड़ी इलाके में एक दिन पहले हुए सामूहिक हत्याकांड के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मृतक नरेंद्र साहू की बहन मधु ने पुलिस को एक बयान दिया है, जिसने इस पूरे सनसनीखेज घटनाक्रम को एक नया मोड़ दे दिया है। बहन द्वारा दिए बयान के अनुसार, मृतक नरेंद्र एक महिला के संपर्क में था और उसी पर पैसे लुटाने के चलते वो भारी कर्ज के जाल में फंस गया था, जिसे लेकर लगातार उसकी और परिवार की चिंताएं बढ़ती जा रही थी।
पुलिस पूछताछ में मधु ने खुलासा किया कि, उसका भाई नरेंद्र साहू एक महिला के संपर्क में था। वो उस महिला पर काफी पैसे खर्च करता था, जिसके कारण वो धीरे-धीरे कर्ज में दबता चला गया और मौजूदा हालात ये बन गए थे कि, वो भारी कर्ज में दब चुका था। स्थिति ये हो चुकी थी कि, नरेंद्र पर कई लोगों का इतना कर्ज था कि, वो हर महीने 40 हजार रुपए के करीब तो उसका ब्याज ही चुकाता था। बहन ने बताया कि, यही कारण था कि, वो अपने परिवार की सुध नहीं ले रहा था और घर का खर्च तक नहीं चला पा रहा था। घर के हालात इतने बिगड़ चुके थे कि, उसकी बुजुर्ग मां खुद मजदूरी कर घर का किराया चुका रही थी।
घर वालों का कहना है कि, बढ़ते कर्ज और लेनदारों के दबाव में नरेंद्र साहू अपनी संपत्ति तक बेच चुका था। कर्ज तले दबकर उसने अपना मकान, कार और बाइक तक बेच दी थी। फिर भी उसका कर्ज खत्म नहीं हो रहा था। बहन के अनुसार, 2 महिलाओं सहित कुल 6 लोग लगातार कर्ज और ब्याज के लिए नरेंद्र को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। परिजन के अनुसार, घटना से महज चार दिन पहले भी एक लेनदार उसके घर आकर उसे धमकाकर गया था। फिलहाल पुलिस अब मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और डेटा की जांच के साथ - साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
मामले की जानकारी देते हुए भोपाल जोन-4 के डीसीपी आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि, नरेंद्र साहू कर्ज में बुरी तरह फंसा हुआ था। उसका रेस्टोरेंट था, जो कुछ समय से बंद पड़ा था कर्ज था, जिसकी वजह से परिवार 15 दिनों से मानसिक रूपसे काफी परेशान था। परिजन से हुई पूछताछ में पता चला है कि, उसने किसी से पैसा लिया था।
गहरी नींद में की गई थी 4 हत्याएं
बताया जा रहा है कि, नरेंद्र ने उस समय परिवार के सभी लोगों की हत्या की जब वो गहरी नींद में थे। फिर घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित रेलवे ट्रैक पर जाकर जान दे दी। पुलिस को सबसे पहले रेलवे ट्रैक पर नरेंद्र की लाश मिलने की सूचना मिली थी, जिसकी पहचान कर तफ्तीश करते हुए जब पुलिस उसके घर पहुंची तो घर में परिवार के अन्य लोगों की भी लाशें पड़ी मिलीं।