भोपाल

सिमी ग्रेवाल से ब्रेकअप और BCCI से कानूनी जंग: मैदान से लेकर कोर्ट तक ‘टाइगर’ के चर्चित किस्से

Mansoor Ali Khan Pataudi- भारतीय टीम के सबसे कम उम्र के कप्तान रहे मंसूर अली खान की पुण्य तिथि पर प्रस्तुत है, उनसे जुड़े कई दिलचस्प किस्से...।
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Sep 21, 2026
Mansoor Ali Khan Pataudi
Mansoor Ali Khan Pataudi- मंसूर अली खान की पुण्य तिथि पर प्रस्तुत हैं, उनसे जुड़े किस्से। (फोटो-AnilYadavmedia1 X)

Mansoor Ali Khan Pataudi- भारतीय क्रिकेट के कप्तान रहे नवाब मंसूर अली खान 'टाइगर' पटौदी की ज़िंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। 21 साल की उम्र में एक आंख की रोशनी खोने के बावजूद भारतीय टीम की कमान संभालने वाले 'टाइगर' पटौदी ने देश को कई मैच जिताए। पटौदी से लेकर भोपाल नवाब भी रहे। पूरा जीवन राजसी ठाटबांट से गुजरा। 15,000 करोड़ से अधिक की शाही विरासत रही। बॉलीवुड अदाकारा सिमी ग्रेवाल से ब्रेकअप का दिलचस्प किस्सा और निधन के बाद अपनी आंख दान करने का फैसला नवाब पटौदी को सबसे अलग रखता है…।

22 सितंबर 2011 को भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी का इंतकाल मुंबई में हो गया था। 70 साल के नवाब पटौदी फेफड़ों में गंभीर संक्रमण से पीड़ित थे। प्रस्तुत है पुण्य तिथि पर उनसे जुड़े दिलचस्प किस्से…।

15000 करोड़ से अधिक है प्रापर्टी

पटौदी खानदान की हरियाणा के पटौदी से लेकर भोपाल तक हजारों करोड़ रुपए की प्रापर्टी है। कुल 15000 करोड़ से अधिक की संपत्ति का आंकलन किया गया है। हालांकि कुछ संपत्तियां शत्रु संपत्ति घोषित हो गई है और कुछ पर कानूनी पेंच है। यह प्रापर्टी अब शर्मिला टैगौर, सैफ अली खान और उनकी दो बहनें संभालती हैं। इनके पास शादी खानदान से 800 करोड़ का पटौदी पैलेस है। इसके अलावा सैफ अली खान की कुल नेटवर्थ 1200 से अधिक आंकी गई है। एक अरब से भी अधिक कीमत का फ्लैग हाउस कोहेफिजा में है। इस पर उनके रिश्तेदारों का कब्जा है। भोपाल के पास चिकलोद कोठी है। भोपाल, रायसेन, सीहोर जिलों में आज भी हजारों एकड़ जमीन है। फिलहाल उनके पास जो जमीन सुरक्षित बची है, वो 2700 एकड़ है। बाकी विवादों में है। इनके अलावा नूर-उस-सबा पैलेस, दावर-उस-सलाम, हबीबी बंगला, अहमदाबाद पैलेस भी अहम प्रापर्टी है।

जब पटौदी ने BCCI पर कर दिया था केस

बहुत कम लोग जानते हैं कि भारतीय टीम के कप्तान रहे पटौदी ने एक बार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (bcci) के खिलाफ कोर्ट में केस कर दिया था। बात उस समय की है जब बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दावा किया था कि उन्हें आईपीएल के गवर्निंग काउंसिल में कंसलटेंट बनाया गया था, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें 1.16 करोड़ रुपए नहीं चुकाए। पटौदी ने याचिका में दावा किया था कि कंसलटेंट पद के लिए बीसीसीआई ने 1 अक्टूबर 2007 को उन्हें 5 सालों के लिए अनुबंधित किया था। इसके लिए एक करोड़ रुपए सालाना देने का अनुबंध था। यह करार बीच में ही खत्म कर दिया गया और शर्तों को बोर्ड ने नहीं माना। इसके बाद अगस्त 2008 में 50 लाख ही मिल सके। इसके बाद अक्टूबर 2010 में बीसीसीआई ने उन्हें आईपीएल के नए नियमों के अंतर्गत गवर्निंग काउंसिल में रखने को कहा, लेकिन पैसों का इसमें कोई जिक्र नहीं था। ऐसे में पुराना एग्रीमेंट खत्म हो गया लेकिन बाकी रुपए पटौदी को नहीं मिल सके। इस मामले में कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आया था, इस बीच 22 सितंबर 2011 को उनका इंतकाल हो गया।

क्या सिमी ग्रेवाल से था पटौदी का अफेयर

उनके रिश्तों का एक दिलचस्प किस्सा यह भी है कि उन्हें फिल्म एक्ट्रेस सिमी ग्रेवाल से अफेयर था। पुरानी खबरों को टटोलने पर एक खबर मिलती है, जिसमें कहा गया था कि नवाब पटौदी शर्मिला के बारे में बताने के लिए सिमी ग्रेवाल के फ्लेट पर गए और उन्हें स्पष्ट कह दिया कि उन्हें कोई और मिल गया है। इसलिए उन दोनों के बीच कुछ नहीं है। सिमी ने इन बातों को सहजता से लिया और लिफ्ट तक छोड़ने भी आईं। दोनों के ब्रेकअप के बाद नवाब पटौदी ने 1968 में एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर के साथ निकाह कर लिया था। शर्मिला ने इस्लाम कबूल कर लिया था, नाम रखा था आयशा सुल्ताना। इसके बाद तीन बच्चे सैफ अली खान, सबा अली खान और सोहा अली खान हुए। शर्मिला से निकाल होने के कई वर्षों बाद भी सिमी के शो में पटौदी नजर आते रहे। इस दौरान दोनों ने ही अपने रिश्तों को लेकर कई बात सार्वजनिक नहीं की। हालांकि बाद में एक तस्वीर शेयर कर सिमी ने लिखा था कि पटौदी परिवार से मेरा रिश्ता बहुत पुराना है।

दूसरी आंख दान कर गए पटौदी

5 जनवरी 1941 को भोपाल में जन्मे नवाब मंसूर अली खान पटौदी के पिता भी क्रिकेटर थे। जब मंसूर अली का 11वां जन्म दिवस था, तब पिता इफ्तिखार अली खान ने पोलो खेलते हुए अंतिम सांस ली थी। इसके बाद कम उम्र में उनके कंधे पर रियासत की जिम्मेदारी आ गई। लेकिन क्रिकेट में रुचि बढ़ती गई। पटौदी अच्छे बल्लेबाज थे और तेज तर्रार फील्डर। उनकी चीते जैसी फूर्ति देख ही उन्हें 'टाइगर' कहा जाता था। 16 साल की उम्र में ही पटौदी ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पहला कदम रखा। पटौदी को इंग्लिश काउंटी का कप्तान बनाया गया। वे पहले भारतीय थे। 20 वर्ष की आयु में 1961 को एक कार दुर्घटना में उनकी एक आंख ही खराब हो गई थी। इसके बावजूद उन्होंने 21 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बना दिया गया। उनके निधन से पहले पटौदी ने अपनी आंख दान करने की इच्छा डाक्टरों को जता दी थी। 11 सितंबर को उन्होंने अंतिम सांस ली।

Updated on:
21 Sept 2026 07:14 pm
Published on:
21 Sept 2026 07:14 pm