भोपाल

इलाज के लिए भोपाल में तस्कर प्रेमसुख, NCB को उम्मीद उगलेगा कई राज

MD Drug Case: प्रेमसुख ने खुद को गोली मारकर मंदसौर पुलिस के सामने सरेंडर किया है। हालांकि सेहत कारणों से एनसीबी पूछताछ नहीं कर पाई है। एनसीबी अब बुधवार को उसे इलाज के लिए भोपाल ले जाएगी...
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Updated: 16 Oct 2024, 11:27 AM IST
MD Drug Case
ड्रग तस्कर प्रेमसुख ने खुद गोली मारी फिर किया सरेंडर, NCB टीम इलाज के लिए आज भोपाल में.

MD Drug Case: मेघनगर फार्माकेम से 168 करोड़ की एमडी ड्रग्स मिलने के बाद मप्र औद्योगिक विकास निगम (एमपीआइडीसी) फैक्ट्री की लीज निरस्त करने की तैयारी में है। कार्यकारी निदेशक राजेश राठौर ने नोटिस जारी किया है। अब एमपीआइडीसी अन्य फैक्ट्रियों की भी जांच करेगा। डीआरआइ ने रंग निर्माण में उपयोग में आने वाला डाई इंटरमीडिएट बनाने वाली मेघनगर फार्माकेम से ड्रग्स जब्त की थी।

ओम और रवनवाज समेत 6 की तलाश

राजधानी के बगरोदा ड्रग्स फैक्ट्री के मामले में अब और भी नाम सामने आ रहे हैं। शोएब लाला, रवनवाज और ओम पाटीदार समेत 6 को एनसीबी ढूंढ़ रही है। पहले माना जा रहा था कि प्रेमसुख पाटीदार शोएब लाला को ड्रग्स सप्लाई करता है। अब साफ हुआ 6 अन्य भी इस रैकेट का हिस्सा हैं।

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प्रेमसुख से पूछताछ में खुलेंगे बाकी राज

हरीश आंजना के पास भोपाल से ड्रग्स पहुंचती, इसे प्रेमसुख अन्य सप्लायरों तक पहुंचाता था। प्रेमसुख ने खुद को गोली मारकर मंदसौर पुलिस के सामने सरेंडर किया है। हालांकि सेहत कारणों से एनसीबी पूछताछ नहीं कर पाई है। एनसीबी अब बुधवार को उसे इलाज के लिए भोपाल ले जाएगी।

क्या प्लांट आवंटन में भी हुआ घालमेल

एमपीआइडीसी ने 2012 में प्लॉट नं 98 अजीत राठौर को अलॉट किया। पर डीआरआई को विजय राठौर एमडी ड्रग्स बनाते मिला। इससे एमपीआइडीसी की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।


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16 Oct 2024, 11:27 AM IST
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