Megha Parmar Winner of the mount everest - मेघा ने यूरोप के सबसे ऊंचे पर्वत पर लहराया तिरंगा, मध्य प्रदेश की बेटी ने फिर किया कमाल
भोपाल. मप्र ( madhya pradesh ) की पहली ऐवरेस्टर मेघा परमार ने यूरोप ( Europe ) के सबसे ऊंचे पर्वत ( highest mountain ) पर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ ( beti bacho beti padhao ) का संदेश ( massage ) दिया है। उन्होंने रूस के पर्वत माउंट एल्बु्रस (18510.44 फीट) पर 8 अगस्त को स्थानीय समय अनुसार दिन में 10.14 बजे चढ़ा।
माउंट एल्बु्रस ( mount elbrus ) को फतह करने वाली पहली बेटी
मेघा मध्यप्रदेश की प्रथम बेटी है, जिसने माउंट एल्बु्रस को फतह किया है। मेघा को महिला एवं बाल विकास विभाग मप्र ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का ब्रांड एंबेसडर ( BRAND AMBASSADOR ) बनाया है। इसी कड़ी में उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के साथ ‘ट्रस्ट मी’ समाज बेटियों पर भरोसा करे-बेटियां असंभव कार्य भी करती हैं...’ का संदेश दिया।
सीहोर की बेटी मेघा
गौरतलब है कि सीहोर के गांव भोजनगर के किसान दामोदर परमार और मंजू की बेटी मेघा ने हाल ही में दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवरेस्ट को फतह किया था, ऐसा करने वाली वह प्रदेश की पहली बेटी हैं। मध्यप्रदेश मंत्री मंडल द्वारा मेघा का सम्मान 3 जून को किया गया था।
5 अगस्त को गई थी अभियान पर:
मेघा ने अपने अभियान की शुरुआत 5 अगस्त की थी। फाइनल समिट के लिए वे 8 अगस्त को रात 1 बजे निकली। फिर सुबह 10.14 पर चोटी पहुंचकर समिट किया। मेघा की टीम में अरुण, आशा, महिपाल, सतीश और शेखर रहे। इसमें आशा का स्वास्थ्य खराब होने से समिट नहीं हो सका।
माउंट एल्ब्रस के बारे में
माउंट एल्ब्रस तकनीकी पर्वत निष्क्रिय ज्वालामुखी है जो पश्चिमी काकेशस पर्वत श्रृंखला में स्थित है, जो कबरदीनो-बलकारिया और करचाय-चर्केसिया, रूस में जॉर्जियाई सीमा के पास है।18,510 फीट (5,642 मीटर) की ऊँचाई के साथ, यह काकेशस रेंज का हिस्सा है जो एशिया और यूरोप मे फैला है। यह इसे यूरोप का सबसे ऊँचा पर्वत और सात शिखर में से एक बनाता है, प्रत्येक महाद्वीप के सबसे ऊँचे पर्वत और कुलीन पर्वतारोही इन सभी को शिखर देने की आकांक्षा रखते हैं।
माउंट एल्ब्रस की प्रमुखता - पास की चोटियों से पहाड़ कितना अलग है, इसका माप - 15,554 फीट (4,741 मीटर) है, जो इसे दुनिया का 10 वां सबसे प्रमुख पर्वत बनाता है। पूर्वी शिखर 18,442 फीट (5,621 मीटर) से थोड़ा कम है।