Minister Pradyuman Singh Tomar gave relief in the transfer of outsourced employees
Transfer- मध्यप्रदेश में इन दिनों तबादलों में जमकर बवाल मच रहा है। कहीं प्रभारी मंत्री और विधायक-सांसद आमने सामने हो रहे हैं तो कहीं सीधे विभागीय मंत्री से संपर्क करने की बात कही जा रही है। तबादलों पर मची इस गहमागहमी के बीच एक राहत भरी खबर भी आई है। प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है कि उन्हें ट्रांसफर के नाम पर ज्यादा दूर नहीं भेजा जा सकेगा। इस संबंध में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का बयान सामने आया है जिन्होंने बिजली कंपनियों के आउटसोर्स कर्मचारियों को यह राहत दी है।
विद्युत वितरण कंपनी, पावर जेनरेशन कंपनी और ट्रांसमिशन कंपनी में करीब 33 हजार आउटसोर्स कर्मचारी हैं। इनमें से कुछ कर्मचारियों को तबादलों के नाम पर 100 किमी दूर भेज दिया गया जबकि उनका वेतन महज 10 से 12 हजार रुपए मासिक है। ऐसे में आउटसोर्स कर्मचारी विरोध पर उतारु हो गए।
आउटसोर्स कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बेहद मामूली वेतन में परिवार से अलग इतनी दूर रहकर गुजारा करना संभव ही नहीं है। यह शिकायत ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर तक भी पहुंची तो उन्होंने इसपर तुरंत संज्ञान लिया। मंत्री ने साफ कर दिया है कि आउटसोर्स कर्मचारियों का 100 किमी दूर ट्रांसफर करना गलत है। इतना ही नहीं, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह भी कहा है कि इन कर्मचारियों का तबादला 5-8 किमी के दायरे में ही किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने 100 किमी दूर तबादला करने के मामले की जांच कराने की भी बात कही।
बताया जा रहा है कि मुरैना के कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों को सौ किमी दूर तक तबादला किया गया है। इधर विद्युत वितरण कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि जिन कर्मचारियों की गंभीर शिकायतें थीं और उन्हें हटाया गया है। हालांकि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आउटसोर्स कर्मचारियों को पूर्ण रूप से आश्वस्त कर दिया है कि अब ऐसा नहीं होगा। कर्मचारियों का तबादला अधिकतम 8 किमी के दायरे में ही किया जाएगा। मंत्री के आश्वासन के बाद बिजली कंपनी में आउटसोर्स पर कार्यरत कम्प्यूटर आपरेटरों, लाइन अटेंडेंट, सब स्टेशन आपरेटरों आदि ने संतोष जताया है।